रांची: जिला प्रशासन, रांची ने हैंड सेनिटाइजर का उत्पादन शुरू कर दिया है जो डब्ल्यूएचओ के मापदंडों के अनुसार है. दुनिया भर में कोरोना वायरस के प्रकोप को देखते हुए सैनिटाइजर की मांग बढ़ गयी थी और इसकी कालाबाजारी भी चरम पर थी. इसको देखते हुए जिला प्रशासन ने बीआइटी मेसरा के सहयोग से सैनिटाइजर बनाया है, इसकी कीमत मात्र 20 रुपये रखी है. यह 100 मिली की कीमत है.
यह सैनिटाइजर बीआइटी मेसरा के कैमिकल इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट की ओर से तैयार किया गया है. यह सैनिटाइजर कैमिकल डिपार्टमेंट के विभागाध्यक्ष प्रो. गौतम सारखेल के निर्देशन में तैयार किया गया है.
इस बारे में पूछे जाने पर प्रो. सारखेल ने बताया कि यह सैनिटाइजर डब्यूएचओ के मापदंडों के अनुसार तैयार किया गया है. इसे बीआइटी मेसरा के लैब में टेस्टिंग कर तैयार की गयी है. इस कार्य में प्रशासन का भी पूरा सहयोग रहा. इसे पूरी तरह से टेस्टिंग के बाद ही लोगों के लिए लाया गया है.
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प्रो. सारखेल ने बताया कि फिलहाल, 2000 लीटर सैनिटाइजर तैयार किया गया है. सैनिटाइजर तैयार करने का काम चल रहा है. नगड़ी स्थित प्लां ट में सैनिटाइजर तैयार करने का काम किया जा रहा है. प्रो. सारखेल ने बताया कि सैनिटाइजर डब्यूएचओ द्वारा जारी नॉर्म्स के अनुसार तैयार किये गये हैं. इसमें इथेनॉल, ग्लिसीरिन, हाइड्रोजन पैरॉक्साहइड के अलावा नींबू का फ्रेग्रेंस भी इस्तेमाल किया गया है.
कौन सा कैमिकल किस लिए किया जाता है इस्तेमाल
बताया गया कि हाइड्रोजन पैरॉक्सा इड का इस्तेेमाल पानी साफ करने के लिए किया जाता है. सैनिटाइजर में इसका इस्तेमाल कम मात्रा में होता है. जबकि, इथेनॉल जो एल्कोहल है को सैनिटाइजर में लगभग 80 प्रतिशत इस्तेमाल किया गया है. वहीं, ग्लिसीरिन जो कि ऑयली होता है, चुंकि इसमें बेस ऑयल देना पड़ता है. इसके बाद नींबू का फ्रेग्रेंस का भी इस्तेमाल होता है.
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जरूरी था इसलिए लॉकडाउन में भी काम किया
प्रो. सारखेल ने बताया कि कोरोना वायरस का प्रकोप बढ़ता जा रहा था, इसको लेकर हैंड सैनिटाइजर की खपत काफी बढ़ गयी थी. जिस वजह से इसकी कालाबाजारी भी शुरू हो गयी, जो सही नहीं था. इस वजह से हमलोगों ने लॉकडाउन होने के बावजूद काम किया. क्योंकि, यह जरूरी था. समाज के वैसे लोगों के लिए जिनके लिए सैनिटाइजर खरीदना संभव नहीं था. पूरा बीआइटी मेसरा बंद होने के बावजूद हमलोगों ने लैब में जाकर इसपर काम शुरू किया.
कौन-कौन थे टीम में
बीआइटी मेसरा के कैमिकल डिपार्टमेंट के विभागाध्यक्ष प्रो. गौतम सारखेल की अगुवाई में सैनिटाइजर तैयार किया गया है. इसे तीन सदस्यीय टीम ने अंजाम तक पहुंचाया. इस टीम में प्रो. सारखेल के अलावा प्रो. अनुपम राय व टेक्नेशियन स्वराज सेनगुप्ता शामिल थे.
क्या कहा डीसी ने
रांची डीसी राय महिमापत रे ने बताया कि फिलहाल हैंड सैनिटाइजर समाहरणालय में रखा गया है ताकि, वहां आने वाले इसे ले सकें. कल से इसे दवाई दोस्त को भी उपलब्ध करा दिया जायेगा. लोग वहां से इसकी खरीदारी कर सकेंगे.

