रांची: भारतीय जनता पार्टी का केंद्रीय जांच दल शुक्रवार को पश्चिमी सिंहभूम जिले के गुदरी प्रखंड के बुरुगुलीकेरा गांव के लिए रवाना हुआ, लेकिन पश्चिमी सिंहभूम जिला प्रशासन ने क्षेत्र में निषेधाज्ञा लागू होने का हवाला देते हुए केराईकेला चेकनाका के निकट टीम को बुरुगुलीकेरा गांव जाने से रोक दिया, जिसके बाद भाजपा नेता मौके पर धरना पर बैठ गये.
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के निर्देश पर गठित इस छह सदस्यीय जांच दल में झारखंड के अलावा महाराष्ट्र, गुजरात और छत्तीसगढ़ के कई वरिष्ठ पार्टी नेता शामिल हैं. वहीं प्रशासन की ओर से धारा 144 लागू करते हुए इलाके में निषेधाज्ञा लागू कर दी गयी है, जिसके कारण भाजपा के केंद्रीय दल को प्रभावित गांव जाने से रोक दिया गया.
भाजपा की उच्चस्तरीय जांच समिति में शामिल नेता बुरुगुलीकेरा गांव पहुंच कर पीड़ित परिजनों और ग्रामीणों से मुलाकात कर घटना की जानकारी हासिल करने वाले थे और फिर यह कमेटी अपनी रिपोर्ट पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष को सौंपती. जिसके बाद भाजपा द्वारा इस मुद्दे को लेकर आगामी आंदोलनात्मक कार्यक्रम की रूपरेखा तय की जानी है. जेपी नड्डा ने एक सप्ताह के अंदर अपनी रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है.
छह सदस्यीय समिति में गुजरात के सांसद जसबंत सिंह, झारखंड के राज्यसभा सांसद समीर उरांव, महाराष्ट्र के सांसद भारती पवार, छत्तीसगढ़ की सांसद गोमती साय, पश्चिम बंगाल के सासंद जोन बारला और राज्य के पूर्व मंत्री और विधायक नीलकंठ सिंह मुंडा शामिल है.

