BnnBharat | bnnbharat.com |
  • समाचार
  • झारखंड
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • औषधि
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स
  • स्वास्थ्य
No Result
View All Result
  • समाचार
  • झारखंड
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • औषधि
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स
  • स्वास्थ्य
No Result
View All Result
BnnBharat | bnnbharat.com |
No Result
View All Result
  • समाचार
  • झारखंड
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • औषधि
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स
  • स्वास्थ्य

BJP ने पांच साल में बदली संथाल की तस्वीरः मुर्मु

by bnnbharat.com
December 18, 2019
in समाचार
BJP ने पांच साल में बदली संथाल की तस्वीरः मुर्मु

BJP ने पांच साल में बदली संथाल की तस्वीर

Share on FacebookShare on Twitter

रांचीः भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष श्री हेमलाल मुर्मू ने कहा कि भाजपा की रघुवर सरकार ने पांच साल के कार्यकाल में संथाल की तस्वीर बदल दी है.

इसके सकारात्मक परिणाम देखने को भी मिल रहे हैं. वर्ष 2014 के पहले गैर भाजपाई सरकार तो बनी, पर संथाल की जनता उपेक्षित रही, विकास से वंचित रहे.

इन पर कोई ध्यान नहीं रहा. वर्ष 2014 के बाद भाजपा की सरकार आई तो आदिम जनजातियों की स्थिति में सुधार होने शुरू हुए.

उनके घर तक योजनाओं का लाभ कैसे पहुंचे इस पर कई प्रयास किये गए,जिसका प्रतिफल भी देखने को मिल रहा है.

उन्होंने कहा कि राज्य में झारखंड पुलिस में पहाड़िया समुदाय के लिए दो बटालियन का गठन किया गया. यह पहल पहली बार की गई.

यही नही पहली बार आदिम जनजातियों के परिवारों को मुख्यमंत्री डाक योजना के तहत 35 किलो अनाज प्रत्येक माह उनके घर तक पहुंचाया गया.

73,386 परिवारों को लाभ मिल रहा है.

मुर्मू ने कहा कि रघुवर सरकार ने संथाली पाण्डुलिपि को सरकारी मान्यता दी और इसे प्रोत्साहित भी की जा रही है.

इसके अलावा संथालों के प्रमुख तीर्थस्थल लुगुबुरु घण्टबाड़ी को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित कर यहां लगने वाले मेले को राजकीय मेले का दर्जा दे दिया गया.

उन्होंने कहा कि रघुवर सरकार ने पहली बार आदिम जनजाति टोलों के लिए पेयजल आपूर्ति योजना चलाई गई, इसके लिए सरकार ने 136 करोड़ रुपये की लागत तय की गई है.

इस योजना का लाभ 2251 आदिम जनजाति टोलों के लोगों को मिलेगा. पिछले पांच वर्षों में 61970 लाभुकों को 104066 एकड़ भूमि का पट्टा दिया गया.

आदिवासियों को 2014 तक मात्र 18943 वनाधिकार पट्टा निर्गत हुआ था.

मुर्मू ने भाजपा के घोषणा पत्र की चर्चा करते हुए कहा कि सरकार ने अपने घोषणा पत्र में आदिम जनजातियों के लिए कई नई योजनाएं ला रही है.

उन्होंने कहा कि हर साल जनजाति महोत्सव का आयोजन की जाएगी, जहां जनजाति इतिहास मुद्दों और गौरव के बारे में लिखने वाले देशभर के लेखक कवि जनजातीय संस्कृति और भाषाओं को मानने वाले सभी एक साथ शामिल होंगे.

इसके अलावा राष्ट्रीय अंतरराष्ट्रीय मंचों पर जनजातीय कला संगीत और साहित्य को बढ़ावा दी जाएगी. जनजातीय महिलाओं के पुराने और नए स्वयं सहायता समूहों को 5 लाख रुपये तक रियायती दर पर ऋण उपलब्ध कराया जाएगा.

जनजातीय शोध संस्थान के अधीन एक जनजातीय लोक कला और साहित्य प्रकोष्ठ के गठन भी किया जाएगा.

Share this:

  • Click to share on Facebook (Opens in new window)
  • Click to share on X (Opens in new window)

Like this:

Like Loading...

Related

Previous Post

अर्धनग्न मिला युवक का शव, सनसनी, हत्या की आशंका

Next Post

छात्रा की किडनैपिंग कर दो युवकों ने किया बलात्कार

Next Post
छात्रा की किडनैपिंग कर दो युवकों ने किया बलात्कार

छात्रा की किडनैपिंग कर दो युवकों ने किया बलात्कार

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

  • Privacy Policy
  • Admin
  • Advertise with Us
  • Contact Us

© 2025 BNNBHARAT

No Result
View All Result
  • समाचार
  • झारखंड
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • औषधि
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स
  • स्वास्थ्य

© 2025 BNNBHARAT

%d