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किसी एक अपराधिक घटना से राज्य के कानून व्यवस्था का आकलन नहीं किया जा सकता
रांचीः झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता आलोक कुमार दूबे, लाल किशोर नाथ शाहदेव, डॉ राजेश गुप्ता छोटू ने कहा है कि किसी एक आपराधिक घटना से राज्य के कानून व्यवस्था का आकलन नहीं किया जा सकता.
प्रवक्ताओं ने कहा कि पूर्ववर्ती भाजपा नेतृत्व वाली सरकार में पांच साल के दौरान नेशनल क्राइम रिसर्च ब्यूरो की रिपोर्ट के अनुसार अपराध के मामले में झारखंड पहले नंबर पर रहा.
महिलाओं के खिलाफ उत्पीड़न मामले में दूसरे स्थान पर और जनजातीय समुदाय के खिलाफ अत्याचार मामले में तीसरे स्थान पर रहा. डकैती, अपहरण और छिनतई मामले में भी झारखंड भाजपा शासनकाल में अव्वल रहा.
अपराध के मामले में भाजपा को विधवा विलाप करने या चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है. राज्य सरकार ने कोरोना महामारी काल में जिस तरह से स्थिति से निपटने का काम किया, वह सराहनीय है.
उन्होंने कहा कि पार्टी किसी भी व्यक्ति की हत्या की घटना की निंदा करती है और अपराधियों की शीघ्र गिरफ्तारी के लिए पुलिस प्रयासरत है और उम्मीद है कि जल्द ही अपराधियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित होगी, लेकिन इसे राजनीतिक मुद्दा बनाकर जांच को प्रभावित नहीं किया जाना चाहिए.
डीजीपी एम.वी.राव के नेतृत्व में पुलिस महकमा ने पूरे कोरोना काल के दौरान मानवीय चेहरा प्रस्तुत किया है तो दूसरी तरफ अपराधियों को नकेल डाल कर रखा है.
ड्रामेबाजी बंद करे बीजेपी
प्रवक्ताओं ने कहा कि शायद भाजपा के लोग यह भूल गए हैं कि किस प्रकार मुख्यमंत्री आवास के निकट महिलाओं की अस्मिता तार तार की जाती थी, अपहरण उद्योग, डकैती, छिनतई तो साधारण बात थी.
यह ड्रामेबाजी, नौटंकी, प्रपंच बंद करें भारतीय जनता पार्टी. छह महीनों के शासनकाल में कानून व्यवस्था पूरी तरह से नियंत्रण में है, भाजपा के नेताओं को आम लोगों की चिंता नहीं है. अपने कार्यकर्ताओं की जितनी चिंता उन्हें है, अगर उन्होंने आम जनता की चिंता की होती तो आज उनकी दुर्दशा नहीं होती.
70 वर्षों में देश ने कभी नहीं देखा किस प्रकार एक डाकू उत्तर प्रदेश में डीएसपी रैंक के अधिकारी सहित 8 पुलिसकर्मियों की गोली मारकर हत्या कर देता है.
वहां के लोगों का कहना है कि योगी आदित्यनाथ के संरक्षण में अपराध, डकैती, लूट, छिनतई, महिलाओं पर अत्याचार लगातार बढ़ते रहे हैं और उन्हीं के संरक्षण में 8 पुलिसकर्मियों की निर्मम हत्या की गई.
भारतीय जनता पार्टी के जहां कहीं भी शासनकाल हैं अपराध बढ़े हैं. अगर भाजपा नेताओं को झांकना हो तो अपने गिरेबान में झांके और उत्तर प्रदेश के स्थिति का मूल्यांकन जरूर झारखंड के कानून व्यवस्था के साथ करें, अनर्गल विधवा विलाप बंद करें भाजपा के लोग, वरना जनता के कोप भाजन का शिकार होना पड़ेगा.
भाजपा के लोग रघुवर शासन काल और उत्तर प्रदेश के शासन की थोड़ी चिंतन कर लें तो बेहतर होगा. भाजपा ने चार्जशीटेड लुटेरे, बलात्कारी, माफिया, घनघोर अपराधियों को विधानसभा चुनाव में टिकट भी देने का काम किया और जनता से नकारे गये, अभी भी वक्त है रास्ते पर आ जाएं.

