रांची: भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष आरती सिंह ने कहा कि किसी भी समुदाय की प्रगति को यदि मापना हो तो समाज में महिलाओं की वास्तविक स्थिति से अवगत होना पड़ता है.
जिस तरह से झारखंड में पिछले पांच वर्षों में लड़कियों का अनुपात 951 से बढ़कर 996 तक पहुंचा उससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि भाजपा सरकार महिला सशक्तिकरण के मुद्दे पर कितनी गंभीर है.
उन्होंने कहा कि समाज में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी का श्रेय मोदी सरकार और रघुवर सरकार को जाता है जिनके सार्थक प्रयासों से बेटियों के लिए बनाई गई सरकार की योजनाएं धरातल पर उतरी.
उन्होंने बताया कि 2014 से 2018 के बीच लड़कों की संख्या में 63 हजार का इजाफा हुआ जबकि लड़कियों की संख्या में 1 लाख 34 हजार की भारी वृद्धि हुई, जो कि बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना के धरातलीय सफलता का परिणाम है.
आरती सिंह ने कहा कि बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ सरकारी कार्यक्रम नहीं बल्कि एक सामाजिक अभियान बना जिसके अंतर्गत बेटियों की शिक्षा से लेकर शादी और स्वालंबन तक की जिम्मेदारी सरकार ने उठाई.
उन्होंने बताया कि जहां एक ओर छात्राओं के लिए कक्षा 1 से पीजी तक कि पढ़ाई निःशुल्क की गई है तथा 12वीं कक्षा तक छात्राओं को किताब, पोशाक और छात्रावास भी निःशुल्क दिया जाता है.
जिससे बेटियां बेटों से हर क्षेत्र में आगे निकल कर आ रही हैं, वहीं दूसरी ओर मुख्यमंत्री सुकन्या योजना एवं मुख्यमंत्री कन्यादान योजना ने महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.
आरती सिंह ने आगे कहा कि 1 रुपये में जमीन/मकान की रजिस्ट्री ने आज महिलाओं को संपत्ति की मालकिन बनाया, यही कारण है कि अब 80 फीसदी रजिस्ट्री महिलाओं के नाम पर हो रही है.
उन्होंने रघुवर सरकार को बधाई देते हुए कहा कि जिस तरह इस सरकार में सखी मंडल की संख्या 40 हजार से बढ़कर 2.5 लाख तक पहुंची तथा अलग-अलग क्षेत्रों में 20 लाख महिलाओं को सखी मंडल के माध्यम से रोज़गार के अवसर मिले यह स्वागतयोग्य है.
उन्होंने कहा कि अपने घर का सपना लिए जीने वाली महिलाओं के लिए आज प्रधानमंत्री आवास योजना एक वरदान बन चुका है. जिसने अपना घर देकर महिलाओं को मकान का मालकिन बनाया जिससे महिलाएं स्वालंबी बनीं.

