देवघर : देवघर थाने में बीजेपी सांसद निशिकांत दूबे के खिलाफ शिकायत दर्ज करा कर फर्जी प्रमाण पत्र और गलत शपथ पत्र के आधार पर लोकसभा चुनाव जीतने का आरोप लगाया गया है.
देवघर सदर थाने में सामाजिक कार्यकर्त्ता विष्णुकांत झा द्वारा गुरुवर को दर्ज प्राथमिकी में बताया गया है कि निशिकांत दूबे ने वर्ष 2009 के लोकसभा चुनाव में गोड्डा संसदीय क्षेत्र से नामांकन दाखिल करने के दौरान अपनी अंतिम शैक्षणिक योग्यता दिल्ली विश्वविद्यलय से एमबीए लिखा था और लोकसभा चुनाव 2014 में भी उम्मीदवार के रूप में अपने शपथ पत्र में अंतिम शैक्षणिक योग्यता दिल्ली विश्वविद्यालय से एमबीए ही लिखा था. उन्होंने लोकसभा चुनाव 2019 में उम्मीदवार के रूप में अपने शपथ पत्र में शैक्षणिक योग्यता पीएचडी लिखी है, जाहिर है कि बिना स्नातकोत्तर डिग्री लिए वे पीएचडी नहीं कर सकते है.
दर्ज शिकायत में बताया गया है कि दिल्ली विश्वविद्यालय से उन्हें यह जानकारी मिली है कि निशिकांत दूबे नाम का कोई व्यक्ति वर्ष 1993 में वहां दाखिला या वहां से पासआउट नहीं किया. इससे साफ है कि निशिकांत दूबे फर्जी प्रमाण पत्र का इस्तेमाल कर फर्जी शपथ पत्र के आधार पर लोकसभा चुनाव में उम्मीदवार बने थे और उसी आधार पर लोकसभा सांसद बने थे। इसलिए उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाए.

