हैदराबाद: भारतीय जनता पार्टी की आलोचना करते हुए तेलंगाना कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष रेवंत रेड्डी ने केंद्र की तुलना ईस्ट इंडिया कंपनी के साथ करते हुए आरोप लगाया है.
जिसके अंतर्गत उनका कहना है कि सत्ताधारी पार्टी कृषि सहित हर क्षेत्र में कॉरपोरेट लाकर पूर्व उपनिवेशवादी के मॉडल को अपना रही है. यह बयान उन्होंने किसानों के विरोध के समर्थन में पदयात्रा के दौरान दिया.
केंद्र सरकार और ईस्ट इंडिया कंपनी के बीच समानताएं बताते हुए रेड्डी ने कहा, “ऐसा तब हुआ था जब ईस्ट इंडिया कंपनी भारतीय उपमहाद्वीप में आई थी. वे व्यापार के लिए आए और फिर धीरे-धीरे कई राज्यों पर नियंत्रण रखना शूरू कर दिया. भाजपा आज कॉरपोरेट्स को हर क्षेत्र में लाने की कोशिश कर रही हैं. भाजपा ईस्ट इंडिया कंपनी के मॉडल को लाने की कोशिश कर रही है. “
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया, “भाजपा लोगों और विशेष रूप से किसानों को एमएसपी और अन्य वादों के बारे में वचन देकर मुंह फुला रही है. न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर कोई गारंटी नहीं है. विधेयक में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है कि जब उन्हें कॉरपोरेट्स से कोई समस्या हो, तो एक किसान अदालतों का दरवाजा खटखटा सकता है.
साथ ही उन्होंने तेलंगाना सरकार पर भी निशाना साधा और आरोप लगाया कि यह केंद्र के साथ हाथ मिला रही है. उन्होंने कहा, “टीआरएस ने शुरुआत से ही बीजेपी को समर्थन दिया है. केसीआर और मोदी एक ही सिक्के के दो पहलू हैं.”
बता दें कि केंद्र सरकार ने 12-18 महीनों के लिए कृषि कानूनों को “रोककर” रखने की पेशकश की है, किसानों के यूनियनों द्वारा कानूनों के खिलाफ विरोध करने वाले प्रस्ताव को खारिज कर दिया गया है. तीन नए कानूनों को निरस्त करने की मांग को लेकर किसानों के साथ कई दौर की बातचीत हो चुकी है.

