रांची: भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के उस बयान पर पलटवार किया जिसमें उन्होंने कहा है की सुचिता की राजनीति करने वाली भाजपा ने षड्यंत्र करके मध्यप्रदेश में सरकार गिराने की साजिश की है.
प्रतुल ने मुख्यमंत्री को याद दिलाते हुए कहा की जब झामुमो झारखंड में भाजपा के साथ सरकार चला रही थी तो दिल्ली में संसद में शिबू सोरेन ने कांग्रेस के पक्ष में मतदान कर दिया था. झामुमो के लिए शायद यही सुचिता होती है. झामुमो रिश्वत कांड ने संसदीय राजनीति में एक नया काला अध्याय लिखा था.
प्रतुल ने कहा कि झामुमो को यह भी याद रखना चाहिए कि उनके सहयोगी दल कांग्रेस ने अब तक आजादी के बाद से केंद सरकार में रहते हुए एक सौ से भी ज्यादा बार चुनी हुई प्रदेश सरकारों को बर्खास्त करते हुए राष्ट्रपति शासन लगाया है.
झामुमो के ही सहयोगी दल कांग्रेस ने कर्नाटक और महाराष्ट्र में जनता दल(एस) और शिवसेना के खिलाफ चुनाव लड़ा और बाद में सभी नैतिक मूल्यों की तिलांजलि देते हुए इन्हीं दलों के साथ मिल कर सरकार बना ली थी. शायद झामुमो के नजर में सुचिता की यही परिभाषा होती है.

