रांची: झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता डॉ राजेश गुप्ता ने कहा है कि लॉकडाउन में फंसे हुए प्रवासी मजदूरों को सहयोग करने के बजाए भाजपा नकारात्मक राजनीति कर रही है.
उन्होंने कहा कि प्रवासी मजदूरों को सहयोग के लिए सरकार हर स्तर पर प्रयास कर रही है. लॉक डाउन में केंद्र सरकार के निर्देशों के कारण जो मजदूर जहां है वही रहेंगे.
डॉ गुप्ता ने कहा कि अन्य प्रदेशों में फंसे हुए मजदूरों के सहयोग के लिए भाजपा सकारात्मक पहल करने के बजाए सिर्फ राजनीति बयानबाजी कर रही है.
उन्होंने कहा कि लॉकडाउन में फंसे मजदूर आज भाजपा के करनी का फल भुगतने को विवश है, क्योंकि भाजपा के शासनकाल में रोजगार देने के लिए कोई काम ही नहीं हुआ. जिस कारण ये करीब 8 लाख मजदूर रोजगार की तलाश में राज्य से पलायन कर अन्य प्रदेशों में गए थे. आज लॉकडाउन के कारण प्रवासी मजदूरों को जो भी कठिनाई हो रही है उसकी नैतिक जिम्मेवारी भाजपा को लेना चाहिए.
डॉ गुप्ता ने शिक्षण के दौरान दूसरे राज्यों में फंसे छात्रों के संदर्भ में कहा कि इसके लिए भी राज्य सरकार हर संभव प्रयास कर रही है. लेकिन लॉकडाउन के दौरान केंद्र सरकार के निर्देशों के कारण बच्चों को भी झारखंड वापस नहीं लाया जा सकता है.
इसके लिए भी उन्होंने भाजपा को जिम्मेवार ठहराते हुए कहा कि राज्य गठन से लेकर वर्ष 2019 तक अधिकांश समय भाजपा झारखंड की सत्ता पर काबिज रही, लेकिन शिक्षा के क्षेत्र में भी कोई काम नहीं किया. जिससे मजबूरन छात्रों को प्रदेशों में जाकर पढ़ाई करना पड़ रहा है.
अपने शासनकाल में अगर भाजपा राज्य में शिक्षा के स्तर में सुधार कर देती तो बच्चों को पढ़ने बाहर क्यों जाना पड़ता. डॉ राजेश गुप्ता ने कहा कि विभिन्न राज्यों में फंसे है प्रवासी मजदूरों और छात्रों को हो रही कठिनाइयों की नैतिक जिम्मेवारी भाजपा को लेनी चाहिए.

