रांची : प्रदेश भाजपा प्रवक्ता प्रवीण प्रभाकर ने झामुमो की बदलाव यात्रा पर पलटवार करते हुए कहा है कि पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन भाजपा की नहीं, अपनी सीट की चिंता करें. हेमन्त सोरेन बताएं कि बरहेट में उन्होंने कौन सा बदलाव लाया, जो झारखंड में बदलाव की बात कर रहे हैं. हेमंत सोरेन बताएं कि दुमका की जनता ने सोरेन परिवार को खारिज क्यों कर दिया? उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री रघुवर दास के हाथ में झारखंड पूरी तरह सुरक्षित है. झामुमो राज्य की जनता को विकास के रास्ते से भटकाने की साजिश बंद करे और अपनी विकास विरोधी सोच और वंशवाद की नीति में बदलाव लाए. रघुवर दास के नेतृत्व में राज्य में विकास का बदलाव हो चुका है. झामुमो को जनता पहचान चुकी है. आगामी विधानसभा चुनाव में झामुमो का खाता भी नहीं खुलने वाला.
प्रभाकर ने कहा कि रघुवर दास के नेतृत्व में नया झारखंड बन रहा है. हेमन्त सोरेन राज्य की चिंता न करें. अपने दल और अपनी सीट की चिंता करें. दुमका की जनता ने गुरुजी और हेमंत सोरेन को खारिज कर दिया है. अब बरहेट की जनता भी बदलाव चाहती है. उन्होंने कहा कि भाजपा ने अलग झारखंड दिया है. अब भाजपा ही रघुवर दास के नेतृत्व में झारखंड को संवार रही है. पूरे देश में विकास वृद्धि दर में झारखंड दूसरे स्थान पर पहुंच गया है. राज्य में तेजी से आधारभूत संरचना और जनसुविधाओं को विकसित किया जा रहा है.
उन्होंने कहा है कि जनता के लिए नहीं, बल्कि सत्ता के लिए झामुमो ने बदलाव यात्रा निकाली है. राज्य में सत्ता हासिल करने का झामुमो का सपना पूरा होने वाला नहीं है. झामुमो जनता की आंख में धूल झोंकने के लिए बदलाव यात्रा का नाटक कर रहा है, इसलिए बदलाव यात्रा से जनता में जनता कहीं नजर नहीं आ रही है. झामुमो ने कांग्रेस के इशारे पर निर्दलीय मधु कोड़ा को समर्थन देकर मुख्यमंत्री बनवाया और 4000 करोड़ की लूट की गई. हेमन्त सोरेन ने मुख्यमंत्री रहते राज्य को 10 वर्ष पीछे कर दिया. ग्राम सभाओं को कमजोर किया गया. राज्य के बालू को मुंबई वालों के हाथ लुटवाने का काम हुआ. आदिवासी-मूलवासी को विकास से दूर रखा गया. थैलीशाहों को राज्यसभा के टिकट दिया गया. वंशवाद के आधार पर झामुमो ने पार्टी चलाई और लोकतंत्र का गला घोंटा. हेमंत सोरेन ने गरीब आदिवासियों की जमीन को हड़प कर और व्यवसायिक उपयोग सीएनटी-एसपीटी कानूनों की धज्जियां उड़ाई है.
प्रभाकर ने ये भी कहा कि झामुमो उन ताकतों का मोहरा बन गया है, जो झारखंड बनने देना नहीं चाहते थे. कांग्रेस और राजद ने झामुमो को अपनी कठपुतली बना लिया है. उनके साथ जाकर झामुमो झारखंड नुकसान कर रहा है.

