रांची : झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता आलोक कुमार दूबे, लाल किशोर नाथ शाहदेव एवं डा राजेश गुप्ता छोटू ने कहा है कि केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार के कार्यकाल में देश की जनता को मानव निर्मित कई त्रासदियों का सामना करना पड़ रहा है. भाजपा ‘टाइटैनिक जहाज जैसी डूबने की स्थिति से गुजर रही है.
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ताओं ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि कोरोना संकट के भीषण आपातकाल के दौरान केन्द्र सरकार के एक वर्ष पूरा होने पर वर्षगांठ मनाना या उपलब्धि गिनवाना राजनीतिक निर्लज्जता की पराकाष्ठा है. उन्होंने कहा कि केंद्र में मोदी 2.0 सरकार के पहले एक वर्ष के कार्यकाल में देश की जनता को सरकार के कई अविवेकपूर्ण फैसले और बिना तैयारी के उठाये गये कदम से परेशानियों का सामना करना पड़ा, वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा भारत की 130 करोड़ जनता को संबोधन क्षति पहुंचाने वाले तकिया कलाम मात्र बन कर रह गया है. मोदी सरकार में सबसे पहले नोटबंदी से बैंकों और एटीएम में खड़े 150 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी. वहीं बाद में आधी-अधूरी तैयारी के साथ जीएसटी लागू करने के फैसले से सैंकड़ों लोग प्रभावित हुए, जबकि कोरोना संकट में बिना कोई तैयारी के चार घंटे की नोटिस पर पूरे देश में लॉकडाउन लागू कर 15 करोड़ प्रवासी कामगारों को सैकड़ों-हजारों किलोमीटर पैदल दूरी तय करने के लिए सड़कों पर चलने के लिए मजबूर कर दिया गया.
प्रवक्ता आलोक दूबे, किशोर शाहदेव डा राजेश गुप्ता छोटू ने कहा कि कांग्रेस पार्टी और सोनिया गाँधी की आवाज पर प्रधान सेवक श्रमिक स्पेशल ट्रेन चलाने के लिए मजबूर भी हुए, लेकिन रेलवे के इतिहास में ऐसा पहली बार देखने को मिला कि 40-40 ट्रेनें अपने रास्ते से भटक गयी. भीषण गर्मी के मौसम में ट्रेनों के भटकने से 50 यात्रियों की मौत हो गयी, बिहार के मुजफ्फरपुर में ट्रेन से उतरते ही एक महिला की मौत और अपनी मां के कफन से खेलते बच्चे की भयावह दृश्य भी देश ने देखा. लॉकडाउन में 63 दिनों तक देश की जनता पीड़ा का सामना करती रही, लेकिन देश के गृहमंत्री सह आपदा मंत्री अमित शाह के दर्शन तक नहीं हुआ. अमित शाह गुजरात के गांधीनगर के जिस संसदीय क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते है, वहां के सिविल अस्पताल को लेकर अदालत की यह टिप्पणी आयी कि यह काल कोठरी प्रतीत हो रहा है. 62 प्रतिशत कोविड-19 के मरीज की मौत गाँधीनगर के शिविल अस्पताल में हुई जो अमित शाह के संसदीय क्षेत्र में आता है. अमित शाह कहां छिपे है, यदि वे गांधीनगर जाकर सिविल अस्पताल देख लेते, तो उन्हें हकीकत का अंदाजा मिल जाता. लेकिन भारत के राष्ट्रनिर्माता मजदूरों को पूरे देश में भूखे मरने के लिए छोड़ दिया गया.
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के एक वर्ष का कार्यकाल पूरा होने पर दिये गये बयान पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कांग्रेस प्रवक्ताओं ने कहा कि अपने पूरे संबोधन में कहीं भी कोरोना संकट को लेकर कोई बात नहीं की. पत्रकारों, साहित्यकारों और लेखकों ,आमजनों को कुचलना और लाखों-करोड़ कामगारों को मुश्किल में धकेल देने पर भाजपा नेताओं ने चुप्पी साध ली है. माथे पर गठरी, कांधे पर बच्चे, पीठ पर पत्नी को लटकाये पैरों में फफोले लिए हुए हजारों किलोमीटर चलने को मजबूर करने वाले भाजपा नेतृत्व को देश को जवाब देना चाहिए।
प्रवक्ताओं ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शासनकाल में लगातार आठ तिमाही से विकास दर में गिरावट दर्ज की जा रही है और इस वर्ष मार्च तिमाही में विकास दर सिर्फ 3.1 फीसदी ही रहा, जबकि 1 जनवरी से 31 मार्च के बीच सिर्फ नौ दिनों का ही लॉकडाउन रहा. विकास दर में निरंतर गिरावट केंद्र सरकार की गलत नीतियों को प्रदर्शित करता है. समाज का हर तबका आज परेशान है. ऐसे में यह साबित हो गया है कि भाजपा सत्ता में बने रहे के काबिल नहीं है. अब इस सरकार को अर्श से फर्श तक पहुंचाने का समय आ गया है.
उन्होंने कहा कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी ने 12 जनवरी को ही कोरोना वैश्विक महामारी की ओर केंद्र सरकार का ध्यान आकृष्ट कराया था, लेकिन तब भाजपा नेताओं ने इसका उपहास उड़ाया और देश में कोरोना संक्रमण का पहला मामला सामने के बावजूद सरकार नमस्ते ट्रंप और मध्य प्रदेश में कांग्रेस नेतृत्व वाली सरकार को गिराने के प्रयास में लगी रही.

