रांची: भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने कहा कि प्रदेश की गठबंधन सरकार एवं इसके सारे घटक दल भाजपा विधायक दल के नेता बाबूलाल मरांडी के उठाये मुद्दों से बैकफुट पर आ गए है.
इन दलों के नेता इतने घबराहट में है कि इन्हें पहले से तय और शिष्टाचार बैठकों में भी षड्यंत्र दिखने लगता है. दरअसल कांग्रेस के नेता सोनिया गांधी और राहुल गांधी से षड्यंत्र करने के लिए ही मिलते रहे हैं. इसलिए इन्हें हर जगह साजिश ही नजर आता है.
झारखंड के सत्ताधारी दलों के नेता मध्यप्रदेश और राजस्थान में अपने पार्टी का हश्र देखकर सकते में है और बदहवासी में बाबूलाल मरांडी और प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश को क्वारंटाइन करने की मांग रख रहे हैं. प्रतुल ने कहा कि सरकार कुछ भी कर ले लेकिन भाजपा का अन्याय के खिलाफ जंग जारी रहेगा.
प्रतुल ने कहा कि हेमंत सरकार को यह बताना चाहिए कि मंत्री आलमगीर आलम के द्वारा लॉकडाउन का उल्लंघन कर के मजदूरों को पाकुड़ भिजवाने के मामले में और मंत्री हाजी हुसैन अंसारी के द्वारा अपने बेटे के तबलीगी जमात में शामिल होने की बात को छुपाने के मुद्दे पर राज्य सरकार ने क्या कदम उठाया है?
राज्य सरकार को यह भी बताना चाहिए कि जेल मैनुअल की धज्जियां उड़ा कर लालू प्रसाद के द्वारा दरबार लगाने के मुद्दे पर राज्य सरकार चुप क्यों है. पहले से ही गठबंधन दलों में खटास किसी से छुपा नहीं है.
ट्रांसफर पोस्टिंग के बाद मंत्रियों के द्वारा मुख्यमंत्री का सार्वजनिक रूप से विरोध किया गया था. जब प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश ने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से और बाबूलाल मरांडी ने गृह मंत्री मंत्री अमित शाह से मुलाकात कर राज्य की स्थिति से अवगत कराया तो उसमें भी सत्ताधारी नेताओं को षड्यंत्र की बू आने लगी.
प्रतुल ने कहा कि राज्य सरकार पूरे तरीके से हर मोर्चे पर फ्लॉप है और लोगों का ध्यान भटकाने के लिए अपने नेताओं से अनर्गल बयानबाजी करवा रही है.

