खास बातें:-
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बीजेपी के बाबूलाल मरांडी को नेता प्रतिपक्ष की नहीं मिली है मान्यता
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ऐसे में कैसे होगा मुख्य सूचना आयुक्त और सूचना आयुक्तों का चयन
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कुर्सी के लिए एक्शन, इमोशन, ड्रामा और क्लाइमेस सब कुछ
रांचीः फिलहाल सूचना आयुक्त का पद पाने के लिए होड़ मची हुई है. जबरदस्त लॉबिंग चल रही है. इसमें एक्शन, इमोशन, ड्रामा और क्लाइमेस सब कुछ है. इस रेस में शामिल सभी अपने-अपने हथकंडे अपना रहे हैं.
बस कहिए कि करीबियों का हमसाया बन गए हैं, जहां तक जिसकी पहुंच है, उससे भी अधिक आखिरी छोर तक पहुंच बनाने की जुगत में हैं. ऐसे में इस रेस में शामिल नेता भी अपनी जुगत में लगे हुए हैं.
सबसे विचित्र स्थिति बीजेपी नेता की
इसमें सबसे विचित्र स्थिति बीजेपी नेता की है. सूचना आयुक्त के लिए बीजेपी के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने भी आवेदन किया है. वहीं बीजेपी के ही पूर्व प्रदेश प्रवक्ता प्रवीण प्रभाकर ने मुख्य सूचना आयुक्त और सूचना आयुक्त दोनों पदों के लिए आवेदन दिया है.
खास बात तो यह है कि चयन समिति की बैठक में नेता प्रतिपक्ष का शामिल होना अनिवार्य है. नेता प्रतिपक्ष की राय भी अहम होती है. हालांकि विधानसभा में बीजेपी के बाबूलाल मरांडी को अब तक नेता प्रतिपक्ष की मान्यता ही नहीं मिली है.
नामी गिरामी के अखबारों के पत्रकार भी जुगत में
सूचना आयुक्त के लिए नामी गिरामी अखबारों के पत्रकार भी अपनी जुगत लगाए हुए हैं. इसमें कई संपादक रैंक के भी हैं. कई उस रैंक से रिटायर भी हो गए हैं, लेकिन यहां भी एक्शन, इमोशन, ड्रामा और क्लाइमेक्स है. देखना यह है कि सीमित छह पद में किसे तवज्जों मिलती है.
417 लोगों ने दिया है आवेदन
अब तक कुल 417 लोगों ने आवेदन दिया है. सूचना आयुक्त के लिए 354 और मुख्य सूचना आयुक्त के लिए 63 लोगों ने आवेदन किया है. इसमें हर कटेगरी के लोग शामिल हैं. इसलिए सूचना आयुक्त की कुर्सी को हॉट केक माना जा रहा है.

