रांची: झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के दूसरे दिन भी कार्यवाही पूरी तरह से बाधित रही.
सुबह 11 बजे विधानसभा अध्यक्ष रवींद्र नाथ महतो द्वारा आसन ग्रहण करने के साथ ही भाजपा विधायक बाबूलाल मरांडी को नेता प्रतिपक्ष का दर्जा देने की मांग को लेकर वेल में आकर नारेबाजी करने लगे. विधानसभा अध्यक्ष ने हंगामा कर रहे विपक्षी सदस्यों से शांति बनाये रखने की अपील की, लेकिन हंगामा को देख विधानसभा अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही को दोपहर साढ़े बारह बजे तक के लिए स्थगित कर दी.
आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट पेश
विधानसभा में आज वित्तीय वर्ष 2019-20 के लिए राज्य का आर्थिक सर्वेक्षण पेश किया गया. वित्तमंत्री रामेश्वर उरांव द्वारा विधानसभा में पेश आर्थिक सर्वेक्षण के अनुसार पिछले चार वर्षाें में अर्थव्यवस्था की औसत वार्षिक वृद्धि दर 5.7 प्रतिशत रही. जबकि वित्तीय वर्ष 2019-20 में औसत वार्षिक वृद्धि दर के 7.2 प्रतिशत रहने का अनुमान है.
सदन की कार्यवाही दुबारा शुरू होने के बाद विपक्षी सदस्य बाबूलाल मरांडी को नेता प्रतिपक्ष का दर्जा देने की मांग को लेकर फिर वेल में आकर हंगामा करने लगे. विपक्षी सदस्यों के हंगामे का विरोध करते हुए कांग्रेस के इरफान अंसारी, उमाशंकर अकेला और झारखंड मुक्ति मोर्चा के कई सदस्य भी वेल में आ गए. हंगामे के बीच ही वित्तमंत्री रामेश्वर उरांव ने सदन में वर्ष 2019-20 का झारखंड आर्थिक सर्वेक्षण रखा.
सुदेश को मिला आजसू विधायक दल के नेता का दर्जा
इस दौरान वित्तमंत्री ने सभापटल पर राज्य के वित्त एवं विकास को लेकर श्वेत पत्र भी प्रस्तुत किया. विधानसभा अध्यक्ष ने सदन में सुदेश महतो को आजसू पार्टी विधायक दल के नेता का दर्जा दिये जाने की घोषणा की.

