उत्तर प्रदेश: चंदौली में खून के अवैध कारोबार का पर्दाफाश हुआ है. पुलिस ने इस मामले में 2 लोगों को गिरफ्तार किया है. जांच के दौरान इस गोरख धंधे में एक निजी अस्पताल और दो पैथोलॉजी लैब भी शामिल पाए गए हैं जिन्हें सील कर दिया गया है.
इस गोरखधंधे के सामने आने के बाद पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीम इस खेल से जुड़े अन्य लोगों की भी सरगर्मी से तलाश कर रही है. चंदौली कोतवाली पुलिस ने इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया है.
यह दोनों लोग गांव में रहने वाले भोले-भाले लोगों को बहला-फुसलाकर पैथोलॉजी तक ले आते थे और उनसे ब्लड लेते थे. ब्लड डोनर को एक यूनिट खून के बदले सत्रह सौ रुपये का भुगतान किया जाता था.
जबकि ये पैथोलॉजी इस ब्लड को चंदौली के ही एक निजी अस्पताल में भारी कीमत पर बेच देते थे. जहां पर मरीजों से खून चढ़ाने के नाम पर 8 से 10 हजार रुपये वसूले जाते थे.
ब्लड डोनर को पैथालाजी तक ले आने वाले इन लोगों को प्रति केस आठ सौ रुपये मिलते थे. चंदौली पुलिस को जानकारी मिली थी कि भानु प्रताप नाम का एक युवक खून के अवैध कारोबार में लिप्त है.
यह शख्स ग्रामीण इलाके से लोगों को बहला-फुसलाकर उनका खून निकलवाकर अस्पतालों में सप्लाई करता है. पुलिस ने जाल बिछाया और इस मामले में भानु प्रताप और उसके एक साथी को दो यूनिट ब्लड के साथ गिरफ्तार कर लिया.

