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BNN BREAKING: प्रदूषण बोर्ड खुद प्रदूषण की चपेट में, NGT ने बोर्ड से कहा- पूछते हैं क्या, बता रहे हैं क्या

by bnnbharat.com
February 18, 2020
in समाचार
BNN BREAKING: प्रदूषण बोर्ड खुद प्रदूषण की चपेट में, NGT ने बोर्ड से कहा- पूछते हैं क्या, बता रहे हैं क्या

BNN BREAKING: प्रदूषण बोर्ड खुद प्रदूषण की चपेट में, NGT ने बोर्ड से कहा- पूछते हैं क्या, बता रहे हैं क्या

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खास बातें:-

  • कंसेंट टू एस्टेब्लिश  व कंसेंट टू ऑपरेट देने के बाद भी प्रदूषण बोर्ड के पास कंट्रोल मैकेन्जिम नहीं

  • एनजीटी ने झारखंड सरकार के संज्ञान में लाई बातें, कहा- योग्य अफसर की करें तैनाती

रांचीः झारखंड का प्रदूषण राज्य नियंत्रण बोर्ड खुद प्रदूषण की चपेट में है. इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि एनजीटी (नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल) को राज्य का प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड सही जवाब भी नहीं दे पा रहा है. इस पर एनजीटी ने कहा है कि प्रदूषण बोर्ड से पूछते कुछ हैं और बताता कुछ और है. एनजीटी ने यह मामला झारखंड सरकार के संज्ञान में भी लाया है. कहा है कि बोर्ड में सक्ष्म ऑफिसर की जरूरत है.

क्या है मामला-

प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने संथाल परगना के साहेबगंज में लगभग 200 क्रशरों को कंसेंट टू एस्टेब्लिश और कंसेंट टू ऑपरेट दिया. एनजीटी में पूछा कि वहां प्रदूषण का मापदंड क्या है. वहां पर्टिकुलेट मैटर (धूलकण) 10 माइक्रॉन से अधिक है या नहीं . इसकी जांच के लिए प्रदूषण बोर्ड ने मशीन भी मंगवाया. लेकिन मशीन से जांच सही हो रहा है या नहीं, इसका भी बोर्ड के पास कोई मैकेन्जिम नहीं है. फिर बोर्ड ने दुमका रिजनल ऑफिस से चेकलिस्ट जारी किया.

जिसमें कहा गया कि क्रशरों का बाउंड्री वॉल, ग्रीन बेल्ट, पानी पटाने की व्यवस्था नहीं है. इस पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया कि बिना शर्तों को पूरा किए बोर्ड ने कंसेंट टू एस्टेब्लिश और कंसेंट टू ऑपरेट कैसे दिया.

बॉक्स के लिए-

ताक पर वाटर प्रिवेंशन एंड कंट्रोल ऑफ पोल्यूशन एक्ट:

झारखंड राज्य प्रदूषण बोर्ड के मेंबर सेक्रेट्री की नियुक्ति ही गलत तरीके से की गई है. राज्य सरकार ने वाटर प्रिवेंशन एंड कंट्रोल ऑफ पोल्यूशन एक्ट को ताक में रख कर बोर्ड में मेंबर सेक्रेट्री की नियुक्ति की है.

वाटर प्रिवेंशन एंड कंट्रोल ऑफ पोल्यूशन एक्ट के सेक्शन(2)(एफ) में स्पष्ट उल्लेख है कि मेंबर सेक्रेटी का पद फुल टाइम (पूर्णकालिक) होगा. मेंबर सेक्रेट्री राजीव लोचन बक्शी वन विभाग में सीएफ (वन संरक्षक रांची) के पद पर तैनात हं और प्रदूषण बोर्ड में मेंबर सेक्रेट्री के अतिरिक्त प्रभार में बने हुये हैं.

निर्दलीय विधायक सह पूर्व कैबिनेट मंत्री सरयू राय ने भी इस मामले में मुख्य सचिव को पत्र लिखा था. पत्र में कहा गया था कि झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद के अध्यक्ष एवं सचिव पद पर नियुक्तियां करते समय विशिष्ट ज्ञानयुक्त पूर्णकालिक पदाधिकारी को ही इन पदों पर पदस्थापित किया जाना चाहिए.

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