👉मोबाइल पर बच्चों की हो रहा औसतन तीन क्लास
👉सीबीएसई से संबद्धता प्राप्त 620 स्कूल झारखंड में
👉वर्ग एक से 12वीं तक दो लाख बच्चे करते हैं पढ़ाई
रांची: देश में कोरोना के संक्रमण को रोकने के लिए लॉकडाउन में स्कूल, कॉलेज सहिपत सभी शैक्षणिक संस्थाएं बंद थे. अनलॉक-1 में भी इसे बंद रखने का ही निर्णय हुआ है. इस अवधि में विद्यार्थियों की पढ़ाई लगभग ठप है. जूम क्लाेउड मीटिंग और ऑनलाइन के माध्यम से पढ़ाई कराई जा रही है.
हर दिन औसतन तीन क्लास
औसतन तीन ऑनलाइन क्लास लिये जा रहे हैं. क्लास सुबह 7 बजे से ही शुरू हो जाते हैं. इसकी अवधि करीब 45 मिनट की होती है. कई स्कूल क्लास के दौरान एक से दो घंटे का अंतराल रखते हैं. कुछ स्कूल 10 से 15 मिनट का ब्रेक देकर क्लास शुरू कर दे रहे हैं.
800 एमबी तक की खपत
तकनीकी विशेषज्ञों के मुताबिक तीन क्लास में औसतन 800 एमबी तक डाटा की खपत हो रही है. झारखंड में सीबीएसई से संबद्धता प्राप्त 620 स्कूल हैं. इसमें वर्ग 1 से 12वीं तक लगभग दो लाख बच्चे पढ़ाई करते हैं. छोटे बच्चों की ऑनलाइन क्लास नहीं हो रही है. कई स्कूल ऑनलाइन क्लास की औपचारिकता निभा रहे हैं.
कई तरह की समस्याएं
लॉकडाउन की वजह से लैपटॉप, फोन और इंटरनेट पर निर्भरता बढ़ गई है. इसकी वजह से लोगों को कई तरह की परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. उनके मरीजों की संख्या भी बढ़ी है.
मोबाइल और इंटरनेट पर बढ़ी निर्भरता की वजह से आंखों में जलन, आंखें सूख जाने और आंखों में दर्द की शिकायत हो रही है. डॉक्टर के मुताबिक लगातार स्क्रीन का इस्तेमाल कर रहे लोगों को हर 20-30 मिनट में 20 सेकेंड का ब्रेक लेना चाहिए. बाहर हरी चीजों को देखना चाहिए.
सावधानी बरते अभिभावक
नेत्र रोग विषेशज्ञों कहते हैं कि पैरेंट्स बच्चों को पढ़ाते समय सावधानी बरतें. लगातार मोबाइल या लैपटॉप पर काम करते रहने से टीयर फिल्म या आंखों का पानी सूखने लगता है, क्योंकि उस समय हम पलक नहीं झपकते और स्क्रीन को लगातार देखते हैं.
गर्मी के मौसम में यह समस्या और ज्यादा बढ़ जाती है. सूखेपन के कारण जलन शुरू हो जाती है. टीयर फिल्म सूखने के कारण आंखों की रोग प्रतिरोधक क्षमता पर भी असर पड़ता है.
इसके साथ ही सरदर्द, पलकें भारी होना, नींद पूरी नहीं, आंखों जलन, थकान, सिर में दर्द व दृष्टि दोष होने की आशंका रहती है.
ऐसे करें आंखों का बचाव
- नार्मल पानी के छींटे मारें.
- पलकें बार बार झपकाएं.
- बीच बीच में ब्रेक लें.
- स्क्रीन से दूरी बनाएं.
- पानी ज्यादा पीएं.
- वेजिटेबल, दूध और एग को डाइट में शामिल करें.
- पढ़ाई करते वक्त थोड़ा रेस्ट लें.

