शशि भूषण दूबे कंचनीय,
वाराणसी: बीएचयू अस्पताल एक बार फिर चर्चा में हैं, अस्पताल पर लग रहा है लापरवाही और किडनी चोरी का आरोप. परिजनों ने देर रात तक हंगामा किया. पूरा मामला लंका थाना क्षेत्र का है.
डाफी निवासी 24 वर्षीय अजय 12 अगस्त को बीएचयू पोस्टमार्टम हाउस के सामने सड़क दुर्घटना में घायल हो गया था. उनके परिजनों ने उसे बीएचयू ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया. वहां से डॉक्टरों ने 15 तारीख को उन्हें कोरोना पॉजिटिव बताकर बीएचयू सुपर मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल में बने कोविड वार्ड में शिफ्ट करा दिया.
इस दौरान 22 तारीख को बीएचयू के सुरक्षाकर्मियों ने लंका पुलिस व अजय के परिजनों को उसके अस्पताल से भागने की सूचना दी. जिसकी गुमशुदगी भी अजय के परिजनों ने लंका थाने में रविवार की रात दर्ज कराई गई थी. अब यहीं पूरे मामले ने यू-टर्न ले लिया.
सोमवार की रात अस्पताल में एक तरफ फर्श पर अजय का शव मिला. सुरक्षाकर्मियों कीे सूचना पर लंका पुलिस पहुंची और अजय के परिजनों को बुलाकर उसकी शिनाख्त कराई. अस्पताल कर्मियो के अनुसार पाइप के सहारे मोनू भागने की कोशिश कर रहा था पैर पिसलने की वजह से गिर गया और उसकी मौत हो गयी.
अजय के छोटे भाई मोनू, पिता छविनाथ, मां ममता व दो बहनें तो देखते ही दहाड़ मार कर रोने लगीं. वहां मौजूद बीएचयू के चीफ प्रॉक्टर हंगामा विरोध शुरू होते हैं किसी तरह सुरक्षाकर्मियों और पुलिसकर्मियों की मदद से पिछले द्वार से सभी को निकलकर गए.
फिलहाल विरोध को देखते हुए पुलिस बल तैनात कर दी गई है. अजय के भाई मोनू का आरोप है कि उसके पास जो मोबाइल था वह भी गायब हो गया है. पुलिसकर्मी सुरक्षाकर्मियों से जब बात करने गए तो सुरक्षाकर्मी उनसे दुर्व्यवहार करने लगे. परिजनों का आरोप है कि अजय की किडनी निकाल दी गई है. अजय दो भाई व दो बहनों में सबसे बड़ा था. पढ़ाई छोड़ने के बाद किसी निजी किसी डॉक्टर की गाड़ी चलाता था.

