रांची: भाजपा विधायक दल के नेता बाबूलाल मरांडी ने कहा है कि कोरोना महामारी के कारण लॉकडाउन होने की वजह से राज्य के तमाम शिक्षण संस्थान बंद हैं, पठन-पाठन व्यवस्था पिछले डेढ़ महने से बंद है.
राज्य के सभी विद्यालयों में पढ़ने वाले छात्र/छात्राएं सिलेबस के अनुसार पाठयक्रम को समय पर पूरा नहीं कर पा रहे हैं. इसका मुख्य कारण यह है कि राज्य के सभी सरकारी विद्यालय में विद्यार्थियों को समय पर पुस्तक उपलब्ध नहीं कराया गया है.
सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को समय पर पाठयर्क्रम के अनुसार पुस्तक नहीं मिलने के कारण सिलेबस को समय पर पूरा करने में दिक्कत हो रही हैं और परीक्षा के समय अनावश्यक दिमागी बोझ बनता है. इससे बचने के लिए विद्यार्थियों को समय पर पुस्तक उपलब्ध हो, ऐसी व्यवस्था सुनिश्चित करना चाहिए.
उन्होंने कहा कि जैसा कि जानकारी मिल रही है कि राज्य के जिला केन्द्रों पर पुस्तकें पहुंचा दी गई हैं, लेकिन जिला शिक्षा अधीक्षक द्वारा बी.आर.सी. पर पुस्तकों को नहीं भेजा गया है, जिन्हें सभी विद्यालयों में पहुंचाने का दायित्व है.
यदि जिला शिक्षा अधीक्षक एवं जिला शिक्षा पदाधिकारी बी.आर.सी केन्द्रों पर शिक्षकों को बुलाकर पुस्तकें उपलब्ध कराते हुए विद्यार्थियों के बीच वितरण करने का जिम्मेवारी दी जाती है तो यह सफल सार्थक पहल साबित होगी.
विद्यार्थियों को पुस्तक नहीं मिलने की वजह से राज्य सरकार द्वारा दूरदर्शन पर पठन-पाठन कराने का निर्णय लिया गया है. यद्यपि यह निर्णय अभी की परिस्थिती में कुछ समय के लिए किया गया है लेकिन यह स्थायी वैकल्पिक व्यवसथा नहीं है.
यदि सभी विद्यालयों के छात्रां को पुस्तके नहीं मिलती है, तो दूरदर्शन पर पठन-पाठन सुचारू रूप से शत- प्रतिशत सफल नहीं हो पाएगा कि क्योंकि गांव में आज भी बिजली आपूर्ति हर समय नहीं रहती.
यह प्रयास इस परीस्थिती में सही है, लेकिन छात्रों के पास पुस्तक उपलब्ध नहीं रहने के कारण दूरदर्शन में पढ़ाई के दौरान विषय-वस्तु को समझने में काफी मुश्किलें आऐंगी.

