नई दिल्ली: भारत-चीन सीमा गतिरोध की चिंगारी अब चाइनीज वीडियो एप टिक टॉक तक पहुंच चुकी है. देश भर में चल रहे चाइनीज प्रोडक्ट के बहिष्कार के एलान के बीच अब इंटरनेट यूजर के बीच चाइनीज एप के बहिष्कार की बहस चल रही है.
इसे देखते हुए टिक टॉक जैसा एक देसी एप ‘चिंगारी’ का निर्माण किया गया है. दावा है कि इस एप को अब तक लाखों लोगों ने डाउनलोड कर लिया है.
लद्दाख के गलवान घाटी में भारत और चीन के सैनिक के बीच हुए झड़प के बाद बहिस्कार की आवाज़ बुलंद होने लगी है और ये आवाज़ सोशल मीडिया और इंटरनेट यूज़र के बीच खूब गूंज रही है.
इसे ही देखते हुए भारत में निर्मित ‘चिंगारी’ एप का निर्माण किया गया. डेवलपर का दावा है कि कल तक इसे पांच लाख लोगों ने अपने मोबाइल में डाउनलोड कर लिया था.
पिछले दिनों टिक टॉक को लेकर सुरक्षा के सवाल भी उठाए गए थे. इसके बाद ही मित्रो जैसी एप के इस्तेमाल की बात भी उठने लगी थी. अब टिक टॉक को टक्कर देने के लिए चिंगारी भी मौजूद है.
चिंगारी और मित्रो दोनों टिक टॉक की तरह शॉर्ट वीडियो एप है जो पूरी तरह भारतीय है. कुछ दिनों पहले टिक टॉक और यू ट्यूब के बीच लोकप्रियता को लेकर कशमकश भी देखने को मिली थी.
पिछले साल IT मंत्रालय टिक टॉक और हेलो एप को सरकार विरोधियों कंटेट के लिए नोटिस भेजकर जवाब मांगा था और कहा था कि एप पर राष्ट्रविरोधी और गैर कानूनी गतिविधियों का इस्तेमाल किया जा रहा है. टिक टॉक बनाते समय कई नकारात्मक खबरें भी सामने आ चुकी हैं.

