रंजीत कुमार,
सीतामढ़ी: शनिवार को श्री राधाकृष्ण गोयनका महाविद्यालय सीतामढ़ी के शिक्षक एवं कर्मचारी संघ द्वारा प्राचार्य डॉ रामनरेश पंडित के विरोध में प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि प्राचार्य डॉ पंडित एक भ्रष्ट एवं तानाशाह की तरह शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मचारियों के विरुद्ध रवैया अपनाते रहे हैं. यहां तक कि महाविद्यालय में कार्यरत शिक्षकेतर कर्मचारी निखिल गोयनका एवं राजेश कुमार को प्राचार्य डॉ पंडित के गलत कार्यों का विरोध करने पर महाविद्यालय से गलत तरीके से विश्वविद्यालय से निलंबित करा दिया गया.
यह दोनों पिछड़ी जाति से ही आते हैं और निलंबन के बाद इनको गुजारा भत्ता मिलना चाहिए जिसे प्राचार्य ने रोक दिया. जिस कारण उक्त दोनों कर्मियों की आर्थिक स्थिति काफी दयनीय हो चुकी है लेकिन प्राचार्य डॉ पंडित महाविद्यालय में असामाजिक तत्वों द्वारा शिक्षक एवं कर्मचारियों के विरुद्ध जातिवाद का रूप देकर महाविद्यालय में अवैध रूप से धरना प्रदर्शन एवं अनशन करवा रहे हैं जिसकी अनुमति भी स्थानीय प्रशासन एवं प्रधान सहायक द्वारा नहीं दी गई है. महाविद्यालय में कार्यरत मासिक वेतनभोगी कर्मचारियों से जबरन कार्य करवाकर वर्षों से वेतन भुगतान नहीं किया गया है जिसके कारण सभी कर्मचारियों में काफी रोष व्याप्त है.
शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मचारियों ने कुलपति महोदय से विश्वविद्यालय द्वारा गठित जांच टीम के रिपोर्ट को लागू करते हुए कार्रवाई करते हुए अविलंब तानाशाह एवं भ्रष्ट प्राचार्य डॉ पंडित को जल्द से जल्द यहां से स्थानांतरण कर कठोर कार्रवाई की मांग की है. जिससे महाविद्यालय में शैक्षणिक व्यवस्था सुचारू रूप से संचालित हो सकते हैं.
मौके पर डॉ हसन मुस्तफा, डॉ श्याम किशोर सिंह, डॉ जगजीवन प्रसाद,डॉ रेनू ठाकुर, डॉ वेद प्रकाश दुबे, डॉ कृतिका वर्मा, डॉ कल्याणी प्रसाद, डॉ श्रीकांत अराले, प्रो रवि पाठक, प्रो शशिकांत पांडे, प्रोअमृतलाल, प्रो राकेश कुमार समेत कई कर्मचारी मौजूद रहे.

