नई दिल्ली: दिल्ली हाई कोर्ट ने इंस्टाग्राम पर ब्वॉयज लॉकर रूम ग्रुप के सदस्यों को तत्काल गिरफ्तारी की मांग करनेवाली याचिका पर सुनवाई टाल दिया है. इस मामले पर कोर्ट 18 मई को सुनवाई करेगा. याचिका में इस मामले की जांच एसआईटी या सीबीआई से कराने की मांग की गई है.
याचिका देवाशीष दुबे ने दायर किया है. याचिकाकर्ता की ओर से वकील ओमप्रकाश परिहार और दुष्यंत तिवारी ने ब्वॉयज लॉकर रूम के कुछ स्क्रीनशॉट की चर्चा की है जिसमें स्कूल में पढ़नेवाले नाबालिग बच्चे नाबालिग बच्चियों की अश्लील फोटो सोशल मीडिया पर शेयर कर रहे हैं. याचिका में कहा गया है कि दिल्ली महिला आयोग ने इस मामले में संज्ञान लिया है. महिला आयोग ने इंस्टाग्राम और पुलिस को नोटिस जारी किया है.
याचिका में कहा गया है कि इल मामले की एसआईटी या सीबीआई से जांच की जरूरत है, क्योंकि इस ग्रुप से जुड़े छात्र काफी प्रभावशाली परिवारों से आते हैं और वो स्थानीय पुलिस को प्रभावित करने की क्षमता रखते हैं.
याचिका में कहा गया है कि इस ग्रुप के सदस्यों ने अपना सोशल मीडिया अकाउंट निष्क्रिय कर दिया है और उन महिलाओं के सोशल मीडिया अकाउंट हैक कर उनके फोटो लीक करने की धमकी दी है, जिन्होंने उनकी बातचीत का खुलासा किया है. इसलिए ये जरूरी है कि इस ग्रुप के सदस्यों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए.
याचिका में कहा गया है कि इस ग्रुप के छात्रों ने इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी एक्ट की धारा 66ई और भारतीय दंड संहिता की धारा 354सी , 507, 509 और 499 का उल्लंघन किया है. याचिका में कहा गया है कि लड़कियों के प्रति इस ग्रुप के सदस्यों की मानसिकता काफी खराब है और अगर इसे नहीं रोका गया तो भविष्य में महिलाओं के प्रति अपराध बढ़ सकता है.
उल्लेखनीय है कि इस मामले पर दिल्ली हाई कोर्ट से संज्ञान लेने की मांग करते हुए दो वकीलों ने चीफ जस्टिस डीएन पटेल को पत्र लिखा है. पत्र में मांग की गई है कि इस मामले में पॉक्सो एक्ट और इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज करने का आदेश देने की मांग की गई है. जिन वकीलों ने पत्र लिखा हैं वे हैं नीलम गोखले और इलाम परीदी.
सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस एसए बोब्डे को भी तीन वकीलों ने पत्र लिखकर इस मामले पर संज्ञान लेने की मांग की है. इन वकीलों ने चीफ जस्टिस से सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच करने की मांग की है.
चीफ जस्टिस को जिन वकीलों ने पत्र लिखा है उनमें आनंद वर्मा, कौस्तुभ प्रकाश और शुभांगी जैन शामिल हैं. आरएसएस के पूर्व विचारक केएन गोविंदाचार्य ने भी इस मामले में हाई कोर्ट में याचिका दायर कर इंस्टाग्राम पर कार्रवाई करने की मांग की है.

