रांची: झारखंड से राज्यसभा सांसद महेश पोद्दार ने कहा है कि अगर झारखंड की सरकार ने केंद्र सरकार के साथ समन्वय स्थापित कर “एक जिला -एक उत्पाद” (ओडीओपी) योजना में दिलचस्पी दिखाई तो जल्दी ही झारखंड के तसर, लाह, सहजन (मूंगा), रुगड़ा, बंसकरील, मटर, टमाटर, वनौषधियों आदि की पहुंच अंतर्राष्ट्रीय बाजार तक होगी.
यह पहल झारखंड की समृद्धि और आत्मनिर्भरता में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है. उन्होंने कहा कि झारखंड में औषधीय पौधों, वनोत्पादों, ग्रामीण – देशज उत्पादों, कलाकृतियों आदि में पर्याप्त विविधता है और यदि सही तरीके से वैल्यू एडिशन और मार्केटिंग की जाय तो अंतर्राष्ट्रीय बाजार में झारखंड के उत्पादों को अलग पहचान और अच्छी कीमत मिल सकती है.
महेश पोद्दार ने अतारांकित प्रश्न के माध्यम से राज्यसभा में यह मुद्दा उठाया जिसके प्रत्युत्तर में वाणिज्य और उद्योग मंत्री पियूष गोयल ने एक जिला -एक उत्पाद योजना के बारे में विस्तृत जानकारी दी.
मंत्री पियूष गोयल ने बताया कि एक जिला एक उत्पाद पहल के कार्यान्वययन पर विचार-विमर्श के लिए 27 अगस्त, 2020 को सभी राज्यों और संघ राज्यव क्षेत्रों के साथ बातचीत की गई और उद्योग संवर्धन और आंतरिक व्यापिर विभाग (डीपीआईआईटी) इस पहल पर आगे कार्य कर रहा है.
इसके अतिरिक्त, डीजीएफटी के माध्यम से वाणिज्यकर विभाग, एक जिला एक उत्पाद पहल को बढ़ावा देने के लिए राज्यों और केंद्र सरकार की एजेंसियों के साथ मिलकर कार्य कर रहा है. जिले में निर्यात संभावना को बढ़ावा देने, विनिर्माण और सेवा उद्योग को प्रोत्साहित करने तथा जिले में रोजगार सृजन के लक्ष्ये के साथ-साथ, इसका उद्देश्यक जिले में निर्यात संभावना वाले उत्पादों की पहचान कर, इन उत्पादों के निर्यात में आने वाली बाधाओं को दूर करते हुए, स्थांनीय निर्यातकों- विनिर्माताओं को बड़े पैमाने पर विनिर्माण में सहायता प्रदान करके तथा भारत से बाहर संभावित खरीददारों का पता लगाकर देश के प्रत्येपक जिले को निर्यात हब के रूप में परिवर्तित करना है.
उन्होंने बताया कि जिला निर्यात संवर्धन समितियों (डीईपीसी) के रूप में प्रत्येणक जिले में एक संस्थाबगत तंत्र स्थारपित किया जा रहा है. डीईपीसी का प्रमुख कार्य केंद्र, राज्य और जिला स्तसर के सभी संबद्ध हितधारकों के साथ समन्वहय करते हुए जिला विशिष्टख निर्यात कार्य योजना तैयार करना और उस पर कार्रवाई करना होगा.
डीजीएफटी ने प्रत्येक जिले की निर्यात संभावना वाले उत्पा दों से संबंधित सभी सूचनाएं अपलोड करने के लिए राज्यप को सक्षम बनाने के लिए एक पोर्टल का भी विकास किया है. देश भर के विभिन्न जिलों में निर्यात क्षमता वाले उत्पादों की पहचान की जा रही है और तद्नुसार राज्य निर्यात कार्यनीतियां तैयार की जा रही है.

