BnnBharat | bnnbharat.com |
  • समाचार
  • झारखंड
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • औषधि
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स
  • स्वास्थ्य
No Result
View All Result
  • समाचार
  • झारखंड
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • औषधि
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स
  • स्वास्थ्य
No Result
View All Result
BnnBharat | bnnbharat.com |
No Result
View All Result
  • समाचार
  • झारखंड
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • औषधि
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स
  • स्वास्थ्य

BREAKING: विद्युत नियामक आयोग का ऐतिहासिक फैसला, झारखंड में बिजली दर में कोई बढ़ोत्तरी नहीं, एक अक्टूबर से होगा लागू

by bnnbharat.com
October 2, 2020
in समाचार
पत्ता भी खड़के तो गुल हो जाती है बिजली, अंडरग्राउंड केबलिंग खुद हो गई अंडरग्राउंड
Share on FacebookShare on Twitter

खास बातें:-

उपभोक्ताओं से मीटर रेंट की वसूली बंद

डीपीएस दर में कमी, 1.5 फीसदी से घटाकर किया गया एक फीसदी प्रति माह

ऑनलाइन व डिजीटल भुगतान में एक फीसदी की छूट

बिल भुगतान भुगतान तिथि से पहले करने पर एक फीसदी की अतिरिक्त छूट

विविध चार्ज में कोई परिवर्तन नहीं

एक जनवरी 2021 से अनमीटर कैटेगरी हो जाएगी समाप्त

रांचीः झारखंड राज्य विद्युत नियामक आयोग ने एक ऐतिहासिक फैसला लिय़ा है. इस बार झारखंड में बिजली दर में कोई बढ़ोत्तरी नहीं की गई है. साथ ही बिजली व्यवस्था में अधिकतम सुधार के प्रयास भी किए गए हैं. अब उपभोक्ताओं से मीटर रेंट की वसूली बंद हो जाएगी. डीपीएस दर में भी कमी कर दी गई है. अब डीपीएस दर 1.5 फीसदी से घटाकर एक फीसदी कर दिया गया है.

ऑनलाइन व डिजीटल भुगतान करने पर उपभोक्ताओं को बिजली बिल में एक फीसदी की छूट मिलेगी. साथ ही भुगतान तिथि से पहले पेमेंट करने पर और एक फीसदी की अतिरिक्त छूट मिलेगी. विविध चार्ज में कोई परिवर्तन नहीं किया गया है. वोल्टेज रिबेट का भी प्रावधान किया गया है. 33 केवी में तीन फीसदी, 132 केवी में पांच फीसदी और 220 केवी में 5.5 फीसदी रिबेट का प्रावधान किया गया है.

एक जनवरी 2021 से अनमीटर कैटेगरी समाप्त कर दी जाएगी. बिजली दर से फिक्स चार्ज को वसूली को आपूर्ति के घंटे से जोड़ा गया है. एचटी के लिए 23 घंटे और एलटी के लिए 21 घंटे का प्रावधान किया गया है. मीटर आधारित बिलिंग की स्थिति में घरेलू उपभोक्ताओं के लोड निरीक्षण को आयोग ने अप्रासंगिक बताया है.

लाइसेंसी द्वारा दो महीने पर उपभोक्ताओं को बिजली बिल नहीं देने के पर उन्हें प्रति माह बिल में एक फीसदी का छूट देना होगा. सोलर रूफटॉप को आकर्षित बनाए रखते हुए नेट मीटरिंग दर 3.80 केडब्ल्यूएच और ग्रॉस मीटरिंग दर 4.16 केडब्ल्यूएच अपरिवर्तित रखा गया है. प्रीपेड मीटरिंग को प्रावधानित करते हुए तीन फीसदी की विशेष छूट एवं सिक्योरिटी की वापसी का प्रावधान किया गया है.

Share this:

  • Click to share on Facebook (Opens in new window)
  • Click to share on X (Opens in new window)

Like this:

Like Loading...

Related

Previous Post

गांधी जयंती पर स्वच्छता का संकल्प

Next Post

अगर कोरोना से रहना है सुरक्षित तो करें इन चीजों से परहेज, संक्रमण का खतरा होगा कम

Next Post
अगर कोरोना से रहना है सुरक्षित तो करें इन चीजों से परहेज, संक्रमण का खतरा होगा कम

अगर कोरोना से रहना है सुरक्षित तो करें इन चीजों से परहेज, संक्रमण का खतरा होगा कम

  • Privacy Policy
  • Admin
  • Advertise with Us
  • Contact Us

© 2025 BNNBHARAT

No Result
View All Result
  • समाचार
  • झारखंड
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • औषधि
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स
  • स्वास्थ्य

© 2025 BNNBHARAT

%d