चतरा: विकास के नाम पर सरकारी खजाने की लूट देखनी हो तो झारखंड में चतरा जिले की कोयला नगरी टंडवा आइए. यहां एनटीपीसी गेरुआ नदी पर क्षतिग्रस्त पुल की मरम्मति सह निर्माण का कार्य द रीयल क्लासिक कंस्ट्रक्शन से 96 लाख रुपये की लागत से करा रहा है. लेकिन इसी पुल से महज 20 मीटर की दूरी पर चतरा पथ निर्माण विभाग के 1 करोड़ 55 लाख रुपये की लागत से अस्थायी डायवर्जन का निर्माण पूजा कंस्ट्रक्शन नाम की कंपनी से करा रहा है.
पथ निर्माण विभाग की तरफ से कराए जा रहा ये निर्माण कार्य किसी के भी समझ से न सिर्फ परे है बल्कि शक के दायरे में भी है. अगर पुल की मरम्मति और निर्माण का कार्य जब एनटीपीसी करा ही रही है तो 1.55 करोड़ का अस्थायी डायवर्जन का निर्माण कार्य आखिर क्यों कराया जा रहा है? क्या यह निर्माण कार्य पैसों की बर्बादी है या फिर एक कंपनी को फायदा पहुंचाने के लिए ऐसा किया जा रहा है.
झामुमो के केंद्रीय सदस्य संतोष नायक ने बताया कि गेरुआ पुल से महज 20 मीटर की दूरी पर बनाए जा रहे डायवर्जन में पथ निर्माण विभाग और ठेकेदार की मिलीभगत से सरकारी पैसे का दुरुपयोग किया जा रहा है. दूसरी ओर उपायुक्त दिव्यांशु झा ने बताया कि ये योजना राज्य से स्वीकृत है. ऐसे में वो इस बारे में कुछ नहीं बोल सकते.

