नई दिल्ली:- सूचना प्रौद्योगिकी कंपनी विप्रो ब्रिटेन की कंपनी कैप्को को खरीदने वाली है. यह सौदा 1.45 अरब डॉलर (10,500 करोड़ रुपए) का होगा. कैप्को वैश्विक स्तर पर प्रबंधन एवं प्रौद्योगिकी क्षेत्र में परामर्श सेवाएं देने वाली कंपनी है. कैप्को का मुख्यालय लंदन में है. विप्रो का यह सौदा किसी कंपनी को खरीदने के लिए की जा रही अब तक की उसकी सबसे बड़ी डील है.वहीं किसी भारतीय आईटी कंपनी द्वारा सबसे बड़े अधिग्रहणों में से एक है.
विप्रो ने शेयर बाजार को दी सूचना में कहा है कि कैप्को के आने से परामर्श और सूचना प्रौद्योगिकी सेवा क्षेत्र में उसकी स्थिति मजबूत होगी. यह सौदा जून के अंत तक पूरा हो सकता है. यह एक ऑल कैश डील है और कैप्को स्वतंत्र एंटिटी की तरह परिचालन करती रहेगी. कैप्को का अधिग्रहण जुलाई 2020 से अब तक विप्रो का चौथा अधिग्रहण है.
कितनी पुरानी है कैप्को
कैप्को 1998 की कंपनी है और इसके 100 से अधिक ग्राहक हैं. इनमें से कुछ लम्बे समय से इसके साथ जुड़े हैं. कंपनी के 16 देशों में स्थापित 30 प्रतिष्ठानों में 5,000 कंसल्टैंट काम कर रहे हैं. कैप्को ने 2020 में 72 करोड़ डॉलर की कमाई की थी.
काम काज के मॉडल एक दूसरे के पूरक
विप्रो के मुख्य अधिशासी अधिकारी एवं प्रबंध निदेशक थियेरी डेलापोर्ट ने कहा कि विप्रो और कैप्को के काम काज के मॉडल एक दूसरे के पूरक हैं. मुझे यकीन है कि कैप्को हमारे साथ विप्रो को अपना नया घर बताते हुए गर्व अनुभव करेगी. कैप्को के मुख्य अधिशासी अधिकारी लांस लेवी ने कहा कि दोनों कंपनियां मिल कर अपने ग्राहकों को उनकी आवश्यकताओं के अनुरूप कायाकल्प के संपूर्ण समाधान सुलभ कराएंगी.

