साजन मिश्रा,
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धूम-धाम से मना भाई बहन का पर्व रक्षाबंधन
बसंतराय: भाई-बहन के अटूट प्रेम के प्रतीक पर्व रक्षाबंधन को सभी बहनों ने अपने भाई के कलाई में रक्षासूत्र बांधकर और मिठाई खिलाकर अपने जीवन की रक्षा हेतू वचन लेकर पूरी निष्ठा के साथ पर्व मनाया. तत्पश्चात भाइयों के द्वारा भी कुछ वस्तुएं अपने बहनों को उपहार स्वरूप दी गई.
ज्ञात हो कि ये पर्व श्रावण मास के अंतिम दिवस के दिन मनाया जाता है, जिसे श्रावणी पूर्णिमा भी कहा जाता है, क्योंकि इस दिन के बाद से पवित्र श्रावण मास का समापन हो जाता है और भाद्रपद की शुरुआत हो जाती है.
वहीं पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, इस पर्व का वर्णन भविष्य पुराण में मिलता है कहा जाता है कि देव और दानवों में जब युद्ध शुरू हुआ और दानव हावी होते नजर आने लगे तब देवराज इंद्र घबराकर बृहस्पति के पास गए और सारी परिस्थिति बताकर इंद्रदेव ने देवगुरु से मार्गदर्शन करने का अनुरोध किया.
ये सब बातें वहां बैठी इंद्र की पत्नी इंद्राणी सुन रही थी. उन्होंने रेशम के धागे को मंत्रों की शक्ति से पवित्र करके देवगुरु को दिया. बृहस्पति जी ने वही रक्षा सूत्र कवच के रूप में इंद्राणी के पति के हाथ पर बांध दिया, इसके बाद देवताओं को इस युद्ध में विजय प्राप्त हुई.
संयोग से वह दिन श्रावण पूर्णिमा का दिन था और ऐसी मान्यता के कारण की इंद्र इस लड़ाई में उसी धागे के मंत्र शक्ति से विजयी हुए और उसी दिन से राखी का त्यौहार मनाया जाने लगा.
इसी कड़ी में आरुहि ने अपने भाई आयुष के कलाई में राखी बांधकर मिठाई खिलाई और बोली भैया मेरे राखी के बंधन को निभाना.

