जमशेदपुर: कदमा थाना क्षेत्र के तीस्ता रोड स्थित क्वार्टर नंबर एन-97 में सोमवार को हुए हत्याकांड मामले में अब भी रहस्य बरकरार है. आरोपी दीपक पुलिस गिरफ्त से बाहर है. उसका अंतिम मोबाइल लोकेशन बिष्टुपुर में मिला है.
इधर, दीपक की पत्नी वीना कुमारी, बड़ी बेटी श्रावणी कुमारी छोटी बेटी सानवी कुमारी और ट्यूशन शिक्षिका रिंकू घोष के शव का पोस्टमाॅर्टम मंगलवार को पुलिस मेडिकल बोर्ड की निगरानी में कराने की तैयारी कर रही है. पोस्टमॉर्टम का वीडियोग्राफी भी होगा.
बताते चलें कि टाटा स्टील के फायर ब्रिगेड कर्मी दीपक ने अपनी पत्नी और दो बेटियों की सिर पर हथौड़ी मारकर हत्या कर दी. इस वारदात को छिपाने के लिए दीपक ने छोटी बेटी को ट्यूशन पढ़ाने आई शिक्षिका को भी मार डाला. यही नहीं, अपने दोस्त, उसकी पत्नी, साला और एक साल की बच्ची पर भी हमला किया. लेकिन ये चारों किसी तरह बच निकले. घटना रविवार देर रात करीब 12 बजे के बाद से सोमवार दोपहर 3 बजे के बीच हुई.
चारों की हत्या मामले में फरार दीपक कुमार की तलाश में पुलिस जगह-जगह पर छापेमारी कर रही है. इधर, दीपक के साथी रोशन का साला अंकित टीएमएच में जिंदगी और मौत से जूझ रहा है. वहीं, चारों की हत्या करने के बाद रोशन के परिवार को बार-बार फोन कर लंच पर बुलाना इस बात का भी संकेत देता है कि दीपक रोशन के परिवार को भी मारना चाहता था.
मृतका वीणा कुमारी के भाई आनंद साहू ने बताया- वे बहन और भांजियों की हत्या करने वाले बहनोई दीपक कुमार के बारे में खबर देने वाले को एक लाख रुपए इनाम देंगे. वे किसी भी हालत में दीपक कुमार को पुलिस की हिरासत में देखना चाहते हैं.
एसएसपी डॉ. एम तमिलवाणन के अनुसार, दीपक पत्नी और दोनों बेटियों के साथ रविवार शाम को शास्त्रीनगर स्थित ससुराल गया था. वहां से रात को चारों क्वार्टर लौटे. देर रात शराब पीने के बाद दीपक ने पत्नी और दोनों बेटियों की हत्या कर दी. सोमवार सुबह श्रावणी को ट्यूशन पढ़ाने रिंकी घोष क्वार्टर पहुंची. संभवत: घर के अंदर जाने पर रिंकी ने शव देख लिया. इसके बाद दीपक ने शिक्षिका को दूसरे कमरे में ले जाकर मार डाला. फिर शव को बॉक्स पलंग में छिपा दिया. टीचर के हाथ बंधे थे और कपड़े अस्त-व्यस्त थे. उसकी स्कूटी को भी कमरे में छिपा दिया. पुलिस ने हत्या से पहले शिक्षिका के साथ दीपक द्वारा दुष्कर्म किए जाने की आशंका जताई है.
आरोपी दीपक के ससुर शास्त्रीनगर निवासी पारसनाथ साहू ने बताया- उनका दामाद दीपक सोमवार सुबह उनके घर आया तो उसके चेहरे पर भोलापन था. बेटी और नतिनी के बारे में पूछने पर दामाद ने तीनों को रांची में अपने भाई के घर भेजने की बात कही. उसने थोड़ा भी आभास होने नहीं दिया कि वह बेटी व नतिनी की हत्या कर चुका है.
दोपहर में बिष्टुपुर बाजार स्थित किराना दुकान से घर आने के बाद आराम कर रहे थे, तभी छोटी बहू के चिल्लाने की आवाज आई. बहू ने रोते हुए बताया- दीपक ने ननद वीणा और दोनों बेटियों की हत्या कर दी है. फिर हम सभी लोग क्वार्टर पहुंचे. वहां का दृश्य देख वे संभल नहीं पाए.
पारसनाथ साहू ने बताया- वीणा की शादी 2003 में सोपोडेरा निवासी दीपक कुमार से की थी. शादी के बाद उनके बीच नोकझोक होती थी, लेकिन बड़ा विवाद जैसा कुछ नहीं था. दो-तीन दिनों में अक्सर एक बार दीपक उनके घर आता था या फिर उनका बेटा विनोद बहन (वीणा) से मिलने चला जाता था. कदमा तीस्ता रोड में पिछले एक माह से चोरी की वारदात बढ़ने के कारण बेटी ने लगभग 5 लाख के जेवर उनके घर पर लाकर रखे थे.
रविवार शाम को दीपक घर पर आया और पोती के साथ खेलने के बाद अपने क्वार्टर चला गया. सोमवार सुबह दीपक दोबारा आया और एक माह पहले रखे जेवर लेकर चला गया. पारसनाथ साहू ने बताया- दीपक का बड़ा भाई एसबीआई रांची में मैनेजर है. उसकी पांच बहन भी है, लेकिन किसी से दीपक की नहीं बनती है.

