नई दिल्ली: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में बजट पेश कर दिया है. मंत्री ने सुबह 11 बजे से बजट भाषण पढ़ना शुरू किया. उन्होंने करीब 1 घंटा 50 मिनट तक बजट भाषण पढ़ा. वित्त मंत्री ने पहली बार बजट को टैब से पढ़कर पेश किया. कोरोना के चलते इस बार बजट की कॉपी छापी नहीं गई हैं. सांसदों को भी बजट ऑनलाइन ही मिला है. इधर, कांग्रेस सांसद जसबीर सिंह गिल और गुरजीत सिंह औजला कृषि कानूनों के विरोध में काले कपड़े पहनकर संसद भवन पहुंचे. जसबीर सिंह गिल ने कहा- अफसोस की बात है कि पंजाब, हरियाणा और बॉर्डर पर इंटरनेट बंद है और ये डिजिटल इंडिया और डिजिटल बजट की बात करते हैं.
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आम बजट 2021 के जरिए किसानों से लेकर मिडिल क्लास तक को साधने का प्रयास किया है. हालांकि मिडिल क्लास के हाथ एक बार फिर से मायूसी ही लगी है. इनकम टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया गया है. वित्त मंत्री ने ऐलान किया कि 75 साल से अधिक आयु वाले बुजुर्गों को आईटीआर फाइल करने की जरूरत नहीं होगी. यह रियायत उन लोगों के लिए है, जिनकी कमाई का स्रोत पेंशन के अलावा कुछ और नहीं है.
इसके अलावा रेल, रोड, मेट्रो समेत तमाम इन्फ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं के ऐलान के साथ ही वित्त मंत्री ने किसानों के लिए भी कुछ बड़े ऐलान किए हैं. उन्होंने कृषि सेक्टर के लिए 16.5 लाख करोड़ रुपये आवंटित करने का ऐलान किया है. इससे पहले बीते साल यह रकम 15 लाख करोड़ रुपये ही थी. एमएसपी को लेकर भी भ्रम दूर करने की कोशिश करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि देश भर में फसलों की टरढ पर खरीद जारी रहेगी. उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने न्यूनतम समर्थन मूल्य को लागत के कम से कम गुना तक बढ़ाने का प्रयास किया है.
मोबाइल होंगे महंगे, सोना और चांदी सस्ते
सरकार ने कई चीजों पर कस्टम ड्यूटी को लेकर भी अहम फैसला लिया है. मोबाइल उपकरणों की कस्टम ड्यूटी 2.5 पर्सेंट बढ़ाई गई है. इससे आने वाले दिनों में मोबाइल महंगे हो सकते हैं. इसके अलावा सोने चांदी पर कस्टम ड्यूटी घटाई गई है. यही नहीं स्टील पर ड्यूटी कम हुई है.
चुनावी राज्यों पर भी फोकस
वित्त मंत्री ने बजट में पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु जैसे राज्यों पर विशेष फोकस किया है. बंगाल में नई सड़कों के लिए 25,000 करोड़ रुपये का आवंटन किया जाएगा. इसके अलावा कई रेल प्रोजेक्ट्स के लिए भी वित्त मंत्री ने ऐलान किए हैं.
एलआईसी का आएगी आईपीओ, निजीकरण में तेजी
वित्त मंत्री ने बजट में मोदी सरकार के निजीकरण के अजेंडे को भी आगे बढ़ाने की बात कही है. निर्मला सीतारमण ने कहा कि बीमा क्षेत्र में एफडीआई की लिमिट अब 74 फीसदी होगी. इसके अलावा डूबे हुए कर्जों के लिए एक मैनेजमेंट कंपनी बनाने का भी ऐलान किया गया है.
वित्त मंत्री ने नए फाइनेंशियल ईयर में एलआईसी का आईपीओ लाने का भी किया ऐलान. इसके अलावा कई सरकारी कंपनियों के विनिवेश का भी ऐलान किया है. वित्त मंत्री इस बजट को टैबलेट के जरिए पेश कर रही हैं. इसके तहत सरकार ने डिजिटल इंडिया का संदेश देने का फैसला लिया है. यह देश का पहला पेपरलेस बजट है. महंगे होंगे मोबाइल. उपकरणों पर लगने वाली कस्टम ड्यूटी में 2.5 पर्सेंट के इजाफे का ऐलान. इसके अलावा सोने चांदी पर कस्टम ड्यूटी घटाई गई है. यही नहीं स्टील पर ड्यूटी कम हुई है.
बजट की शुरुआत करते हुए निर्मला ने कहा- हम बचाव, इलाज और वेल बीइंग पर फोकस करना चाहते हैं. 64,180 करोड़ रुपए के बजट के साथ प्रधानमंत्री आत्मनिर्भर स्वस्थ भारत योजना शुरू होगी. यह बजट नई बीमारियों के इलाज के लिए भी होगा. इससे 70 हजार गांवों के वेलनेस सेंटर्स को मदद मिलेगी. 602 जिलों में क्रिटिकल केयर हॉस्पिटल शुरू होंगे. 15 हेल्थ इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर्स शुरू किए जाएंगे. 9 बायो सेफ्टी लेवल 3 लैब शुरू होंगी.
इससे पहले सीतारमण ने वित्त वर्ष 2021-22 के आम बजट की एक डिजीटल प्रति राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को सौंपी और राष्ट्रपति से आम बजट पेश करने की मंजूरी ली. बाद में केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में आम बजट 2021 -22 को मंजूरी दी गई. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने केंद्रीय बजट मंत्रिमंडल के समक्ष रखा था.
वित्त मंत्री ने लोकसभा में अपने टैब से बजट भाषण पढ़ना शुरू कर दिया है. वह तीसरी बार आम बजट पेश कर रही हैं. उन्होंने पांच जुलाई 2019 को पहली बार बजट पेश किया था, जो अंतरिम बजट था. मोदी सरकार का यह कुल नौवां आम बजट है.

