रांची:- प्रदेश कांग्रेस कमेटी केप्रवक्ता आलोक कुमार दूबे,डा राजेश गुप्ता छोटू ,आर्थिक मामलों के जानकार सूर्य कान्त शुक्ला, निरंजन पासवान,प्रदेश कांग्रेस अल्पसंख्यक अध्यक्ष शकील अख्तर अंसारी ने कहा है कि आज का बजट घोर निराशाजनक है, कंजप्शन खर्च को कोई प्रोत्साहन नहीं दी गई है, उपभोक्ता को कोई राहत नहीं मिला है और ना ही आयकर में कोई प्रोत्साहन दिया गया जिससे आयकरदाता को खर्च योग्य अतिरिक्त आय देने का कोई प्रावधान भी बजट में नहीं है और देश को भारी निराशा हाथ लगी है, आयकर दाताओं एवं उपभोक्ताओं को भारी निराशा हाथ लगी है जिससे बाजार में मांग को लेकर कोई उत्सुकता नहीं दिख रही है,इस बजट में आम आदमी के लिए कुछ नहीं है एक तरह से बाबाजी का ठुल्लू साबित हुआ है सीतारमण का बजट. कोई वित्तीय हस्तांतरण नहीं किया गया ना ही किसी प्रकार के इनकम टैक्स में कोई रिलीफ दी गई है.
कांग्रेस भवन में आयोजित संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता आलोक दूबे ने कहा कि बैंकों को पुनरपूंजीकरण की जरूरत थी ताकि वह लोन देने लायक बने रहें क्योंकि बैंकों का एनपीए आरबीआई रिपोर्ट के अनुसार 12 से 13þ तक बढ़ने वाला है और इसके लिए कम से कम 2 लाख करोड रुपए का पूंजी कवर चाहिए था ताकि बैंक लोन दे पाए क्योंकि ग्रोथ विकास के लिए क्रेडिट को बढ़नी चाहिए थे यह अभी मात्र 6þ ही है.वहीं एमएसएमई पहले से दबाव में है. गारंटी क्रेडिट स्क्रील के तहत ऋण का उपयोग नहीं किया गया क्योंकि वे ऋण लेना नहीं चाहते भारी दबाव के वजह से ,उन्हें शेयर के रूप में सरकार का सहयोग मिलता तो ज्यादा अच्छा होता क्योंकि इसमें एमएसएमई को लोन पर ब्याज नहीं देना होता ,जब कंपनी फायदा करती तब निवेशक को भी फायदा मिलता.
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता डा राजेश गुप्ता ने कहा है कोरोना महामारी जैसी तबाही वाली आपदा जिसमें जीवन जीविका, रोजी रोजगार, बिजनेस, व्यापार, मजदूरी दिहाड़ी और देश के गरीब परिवारों के लिए स्वास्थ्य नुकसान के साथ आए नुकसान झेलने के बाद इस बजट से यह उम्मीद बंधी थी कि जो मुश्किलें आपदा में खड़ी हो गई है उनका निवारण केंद्रीय वित्त मंत्री का यह बजट करेगा परंतु बजट से देशवासियों को गहरा धक्का लगा है, देश की विकास दर पहले से ही गिरावट के रास्ते पर हैं, कोरोना जनित लाकडाउन के कारण यह खाई में गिर गई है,अर्थव्यवस्था में पहले इतना बड़ा संकुचन कभी नहीं देखा गया, नेगेटिव ग्रोथ -23þ को चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में देश की जीडीपी के नाम दर्ज हुई थी, इतनी बड़ी गिरावट से अर्थव्यवस्था को ऊपर उठाने के लिए जो साहस,जो वित्तीय बुद्धिमता जो बढ़ा हुआ पूंजीगत खर्च चाहिए था बजट में वह कहीं नहीं दिखा.
प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने कहा है कि रोजगार सृजन की दिशा में पूरी तरह से सरकार विफल साबित हुई है, इस बजट में जहां देश यह अपेक्षाएं कर रहा था की प्रतिदिन कमाने वाले, फुटपाथ दुकानदार,बेरोजगार जिनकी कोई संगठित आय नहीं है उन्हें कैश ट्रांसफर किया जाएगा ,लेकिन उन्हें कुछ भी हासिल नहीं हुआ.

