BnnBharat | bnnbharat.com |
  • समाचार
  • झारखंड
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • औषधि
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स
  • स्वास्थ्य
No Result
View All Result
  • समाचार
  • झारखंड
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • औषधि
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स
  • स्वास्थ्य
No Result
View All Result
BnnBharat | bnnbharat.com |
No Result
View All Result
  • समाचार
  • झारखंड
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • औषधि
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स
  • स्वास्थ्य

संसद का बजट सत्र आज से, 16 पार्टियां करेंगी राष्ट्रपति अभिभाषण का विरोध

by bnnbharat.com
January 29, 2021
in समाचार
कोरोना संकट के बीच मॉनसून सत्र आज से
Share on FacebookShare on Twitter

दिल्ली: राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के अभिभाषण के साथ संसद का बजट सत्र आज यानी शुक्रवार से शुरू हो जाएगा. संसद के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक में राष्ट्रपति के पारंपरिक संबोधन के साथ शुक्रवार को बजट सत्र शुरू होगा. बजट सत्र के शुरू होने से एक दिन पहले ही कांग्रेस, शिवसेना और तृणमूल कांग्रेस समेत देश के 16 विपक्षी दलों ने कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन कर रहे किसानों के प्रति एकजुटता प्रकट करते हुए राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के अभिभाषण के बहिष्कार का फैसला किया है.

कांग्रेस और 15 दूसरी विपक्षी पार्टियों ने एक संयुक्त बयान जारी कर बहिष्कार की घोषणा की तो आम आदमी पार्टी और शिरोमणि अकाली दल ने भी राष्ट्रपति के अभिभाषण के दौरान मौजूद नहीं रहने का ऐलान किया. ओडिशा में सत्तारूढ़ बीजू जनता दल ने फैसला किया गया है कि उसके सांसद राष्ट्रपति के अभिभाषण को सुनने के लिए दोनों सदनों की संयुक्त बैठक में शामिल होंगे.

बीएसपी के रुख को लेकर अभी स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं हुई है, हालांकि पार्टी के एक नेता ने बताया कि बीएसपी आलाकमान की तरफ से सांसदों के इसमें शामिल नहीं होने जैसा कोई निर्णय नहीं हुआ है और ऐसे में ये माना जा रहा है कि पार्टी के सांसद शुक्रवार के संसद की संयुक्त बैठक में शामिल हो सकते हैं. संसद के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक में राष्ट्रपति के पारंपरिक संबोधन के साथ शुक्रवार को बजट सत्र शुरू होगा।

राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि 16 विपक्षी दलों ने अभिभाषण के बहिष्कार का निर्णय लेने के साथ ही किसानों की ट्रैक्टर परेड के दौरान हुई हिंसा में केंद्र की भूमिका की स्वतंत्र जांच की मांग भी की है. कांग्रेस, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी, नेशनल कांफ्रेंस, द्रमुक, तृणमूल कांग्रेस, शिवसेना, एसपी, आरजेडी, माकपा, भाकपा, आईयूएमएल, आरएसपी, पीडीपी, एमडीएमके, केरल कांग्रेस(एम) और एआईयूडीएफ ने राष्ट्रपति अभिभाषण के बहिष्कार का फैसला संयुक्त रूप से किया है.

विपक्षी दलों ने एक संयुक्त बयान में कहा कि हम हालात को संभालने के दौरान दिल्ली पुलिस के जवानों के घायल होने को लेकर भी दुख प्रकट करते हैं, लेकिन हमारा मानना है कि इस पूरे घटनाक्रम में केंद्र सरकार की भूमिका को सामने लाने के लिए निष्पक्ष जांच होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि नए कृषि कानूनों से भारतीय कृषि क्षेत्र के भविष्य के लिए खतरा पैदा हो गया है.

विपक्षी दलों ने दावा किया कि ये तीनों कानून राज्यों के अधिकारों पर प्रहार हैं और संविधान की संघीय भावना का उल्लंघन करते हैं. अगर इनको निरस्त नहीं किया गया तो राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा नष्ट हो जाएगी. इन दलों ने कहा कि किसानों की मांगों को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी सरकार अहंकारी, अड़ियल और अलोकतांत्रिक बनी हुई है. सरकार की असंवेदनशीलता से स्तब्ध हम विपक्षी दलों ने तीनों कृषि कानूनों को निरस्त करने की मांग दोहराते हुए और किसानों के प्रति एकजुटता प्रकट करते हुए यह फैसला किया है कि राष्ट्रपति के अभिभाषण का बहिष्कार किया जाएगा.

Share this:

  • Click to share on Facebook (Opens in new window)
  • Click to share on X (Opens in new window)

Like this:

Like Loading...

Related

Previous Post

टिकैत का रोना बना टर्निंग प्वाइंट, गांव में रखा लोगों ने उपवास

Next Post

दिल्ली में सर्दी का कहर जारी, NCR में छाई कोहरे की घनी चादर

Next Post
तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस की होगी गिरावट

दिल्ली में सर्दी का कहर जारी, NCR में छाई कोहरे की घनी चादर

  • Privacy Policy
  • Admin
  • Advertise with Us
  • Contact Us

© 2025 BNNBHARAT

No Result
View All Result
  • समाचार
  • झारखंड
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • औषधि
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स
  • स्वास्थ्य

© 2025 BNNBHARAT

%d