बजट के जरिये मोदी सरकार का आह्वान : प्रगति में निजी क्षेत्र के संसाधन-क्षमता का भी हो योगदान
रांची :- राज्यसभा सांसद महेश पोद्दार ने आज वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण द्वारा पेश बजट को आपदा के दौर में उपलब्धियों की यात्रा शुरू करनेवाला बजट बताया हैद्य उन्होंने कहा कि कोरोना के कारण आयी मंदी से उबरने के लिए दीर्घकालीन निवेश के बड़े निर्णय लिए गए हैंद्य इसमें जहां एक तरफ फण्ड जुटाने के लिए लाखों करोड़ के देशी-विदेशी निवेश को आकर्षित करनेवाली योजनायें हैं, वहीं देश के निजी क्षेत्र की भागीदारी को काफी महत्व दिया गया हैद्य बजट के जरिये सरकार ने अपनी यह मान्यता स्पष्ट कर दी है कि निजी क्षेत्रों का संसाधन और उनकी क्षमता को भी देश की संपत्ति माना जाना चाहिये और देश की प्रगति में उन्हें भी भागीदार बनने का पूरा अवसर दिया जाना चाहिएद्य
पोद्दार ने कहा कि इंफ्रास्ट्रक्चर और परिवहन सेवाओं में सुधार अर्थव्यवस्था को गति देने और बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन में सक्षम हैद्य बजट में इन सभी क्षेत्रों को पर्याप्त महत्व और प्राथमिकता दी गयी हैद्य बिजली के क्षेत्र में उपभोक्ताओं को बेहतर सेवाओं के चयन का विकल्प दिया गया है तो बिजली कंपनियों को भी सुधार की शर्तों के साथ पुनर्वास का पैकेज दिया गया हैद्य पोर्ट, रेलवे, मेट्रो, सड़क आदि के विकास पर ध्यान दिया गया हैद्य मेट्रो को बड़े पैमाने पर अर्बन मूवमेंट के लिए स्वीकार करते हुए दो और तरह के मेट्रो का प्रावधान किया गया हैद्य एमएसएमई की भागीदारी बढ़ाने और इस महत्वपूर्ण सेक्टर की मजबूती के लिए 15 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया हैद्य देश में 100 से अधिक नए सैनिक स्कूल खोले जायेंगे जिनमें निजी संस्थानों और संगठनों को भी भागीदार बनाया जाएगाद्य पहले से ही लक्ष्य से आगे चल रही उज्ज्वला योजना से एक करोड़ परिवार और जोड़े जाएंगे, 100 नए शहर गैस वितरण से जोड़े जाएंगे.
पोद्दार ने कहा कि विगत एक साल से जीवन और स्वास्थ्य से जुडी सदी की सबसे आपदा का सामना करने में वैश्विक स्तर पर अपनी क्षमता साबित कर चुकी मोदी सरकार ने आज पेश हुए बजट के जरिये भविष्य में भी इस लड़ाई का अगुआ बने रहने का संकल्प दिखाया हैद्य सरकार ने हेल्थ बजट को 137 फीसदी बढ़ाते हुए 2.24 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान किया हैद्य पीएम आत्मनिर्भर स्वस्थ भारत योजना के तहत अगले 6 साल में सरकार प्राइमरी, सेकंडरी और टर्सियरी हेल्थ केयर पर 64180 करोड़ रुपये खर्च करेगीद्य कोरोना वेक्सीन पर 35000 करोड़ रुपये खर्च होंगे.
बजट में घोषित वॉलंटियरी व्हीकल स्क्रैपिंग पॉलिसी से नई गाड़ियों की मांग बढ़ेगी, जिससे ऑटोमोबाइल सेक्टर को बूस्ट मिलेगाद्य ग्राहकों को नए वाहन 30 फीसदी तक सस्ते मिलेंगे, पुराने वाहनों से वायु प्रदूषण में 25 फीसदी की कमी आएगी, स्क्रैप सेंटरों पर बड़े पैमाने पर रोजगार भी उपलब्ध होंगेद्य
रेलवे के लिए 1.1 लाख करोड़ रुपये का एलान किया हैद्य इसमें से 1,07,100 करोड़ रुपये केवल कैपिटल एक्सपेंडिचर के लिए हैंद्य दिसंबर 2023 तक बड़ी लाइनों का 100प्रतिशत विद्युतीकरण पूरा होगाद्य भारतीय रेलवे के उच्च घनत्व नेटवर्क और ज्यादा उपयोग किये गए नेटवर्क रूटों को देश में विकसित स्वचालित ट्रेन संरक्षण प्रणाली उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे मानवीय गलती की वजह से होने वाले ट्रेन की टक्कर कम खत्म होगीद्य
बजट में घोषित मेगा इन्वेस्टमेंट टेक्सटाइल पार्क स्कीम झारखण्ड जैसे राज्यों के लिए बड़ा अवसर है जिसके तहत अगले 3 साल में 7 टेक्सटाइल पार्क बनाए जाने हैंद्य 758 एकलव्य रेजिडेंशियल स्कूल आदिवासी इलाकों में बनेंगे, जिसका लाभ झारखण्ड को मिलना तय है.
मोदी सरकार कृषि को लाभकारी कारोबार बनाने की दिशा में सतत प्रयत्नशील है. ऑपरेशन ग्रीन स्कीम में टमाटर, प्याज और आलू के अलावा 22 पेरिशेबल क्रॉप्स को शामिल किया जाना इसी दिशा में उठाया गया कदम हैद्य एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फंड बनेगा जिसके लिए 40 हजार करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है. एपीएमसी को एग्री फंड के दायरे में लाकर और ई-नाम के लिए 1 हजार नई मंडियां बनाने की घोषणा कर सरकार ने किसानों को बड़ा बाज़ार उपलब्ध कराने की कोशिश की है.सिंचाई की सुविधा के लिए माइक्रो इरिगेशन फंड में 5 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया हैद्य
सरकार ने प्रवासी मजदूरों की समस्याओं का भी पर्याप्त ध्यान रखा हैद्य असंगठित क्षेत्र के मजदूरों के लिए एक पोर्टल बनेगा तथा बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन वर्कर के लिए हेल्थ, हाउसिंग और फूड स्कीम शुरू होगी. पूरे देश में वन नेशन वन कार्ड लागू करते हुए राशन कार्ड पोर्टेबिलिटी का प्रावधान किया जा रहा है. सभी मजदूरों के लिए न्यूनतम वेतन का प्रावधान किया जा रहा है.

