रांची : झारखंड विधानसभा अध्यक्ष रवींद्र नाथ महतो ने कहा कि आप सभा संसदीय परंपराओं के मर्मज्ञ हैं. इसलिये आशा और विश्वास के साथ आप सभी निश्चय करें कि समिति को इतना सुदृढ़ और धारदार बनायेंं ताकि, उनके प्रतिवेदनों में शामिल अधिक से अधिक अनुशंसाओं का जनहित में लागू की जा सके, जनकल्याण के कार्य हो सके. बुधवार को पांचवें झारखंड विधानसभा की वर्ष 2020-21 के लिए नवगठित समितियों के सभापति एवं सदस्यों को संबोधित करते हुए विधानसभा अध्यक्ष ये बातें कहीं. वे आज विधानसभा सभागार में सभापतियों के साथ बैठक कर रहे थे. यह बैठक समिति के गठन, कार्यक्षेत्र कृत्या एवं संभावनाओं पर विचार करने को लेकर बुलायी गयी थी. अध्यक्ष ने कहा कि संसदीय कार्य प्रणाली में समिति व्यवस्था एक अति महत्वपूर्ण पहलू है और समितियों की नियुक्तियों की मूल कल्पपना यह है कि विशिष्ट्ता के साथ विषय वस्तुे के गहरायी से अध्ययन कर जनहित में उसका निबटारा किया जाये. यह चुनौतीपूर्ण कार्य है परंतु जनता ने हमें जिन आशाओं के साथ अपना प्रतिनिधि चुना है, उन आशाओं को पूरा करने का एक माध्यम भी है. उन्हों ने कहा कि मैंने लोकसभा और राज्यससभा की विभिन्न स्थायी समितियों के प्रतिवेदन एवं उनमें शामिल अनुशंसाओं व उनके क्रियान्वोयन से संबंधित आंकड़ों को देखकर मुझे सुखद आश्चर्य हुआ कि संसद यानि लोकसभा और राज्यंसभा की विभागों से संबंद्ध स्थायी समितियों के प्रतिवेदनों के अनुशंसाओं में से लगभग 60 प्रतिशत अनुशंसाएं मान ली जाती हैं. विधान समिति की लगभग 80 से 85 प्रतिशत तक अनुशंसाओं को सरकार स्वीकार कर लेती है.
मौके पर संसदीय कार्यमंत्री आलमगीर आलम ने भी समिति व्यवस्था को सुदृढ़ करने की बात कही. उन्होंने कहा कि स्वत: समिति की गरिमा को अक्षुण्ण रखने के लिए हमें दृढ़संकल्पित होना पड़ेगा. ताकि, कार्यपालिका पर इसका साकारात्मक असर पड़े. वहीं, विधायक निधि अनुश्रवण समिति के सभापति सीपी सिंह ने कहा कि विभागों की वरीय पदाधिकारियों की उपस्थिति सुनिश्चित करने एवं सभी विभागों में समिति के कार्रवाई के लिए नोडल अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की जानी चाहिए. बैठक में लोक लेखा समिति के सभापति नीलकंठ सिंह मुंडा, सरयू राय, निरल पूर्ति, भूषण तिर्की, रामदास सोरेन, दीपक बिरूआ, रामचंद्र चंद्रवंशी, उमाशंकर अकेला, डॉ सरफराज अहमद, प्रदीप यादव, अपर्णा सेन गुप्तां, सुदेश महतो, लोबिन हेम्ब्रशम, डॉ इरफान असांरी, सबिता महतो, केदार हाजरा, सीता मुर्मू व विनोद कुमार सिंह मौजूद थे.

