सुरूर रज़ा,
रांची: सरकारी बस स्टैंड बदहाली का शिकार है. बस स्टैंड पर साफ सफाई की हालत ऐसी है कि इसके पास से गुजरने में भी यात्रियों को बीमारी का डर सताता है. बस स्टैंड का भवन भी जर्जर हो चुका है. किसी हादसे को न्योता देते दिखाई दे रहा है. बस स्टैंड पर ना तो यात्रियों के बैठने की व्यवस्था है, ना ही पीने का पानी मौजूद है.

बस स्टैंड की रखरखाव के लिए जिम्मेदार परिवहन विभाग सबकुछ जानते हुए चैन की नींद सो रहा है. बस स्टैंड में कार्यरत कर्मचारियों का यह कहना है कि यात्रियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है. शौचालय की व्यवस्था भी यहां पर मौजूद नहीं है, जिससे महिलाओं को काफी दिक्कतें होती है.
प्रतिदिन इस बस स्टैंड से 100 से अधिक गाड़ियों का परिचालन होता है. हालांकि सुविधा के नाम पर यहां कुछ नहीं है. भवन भी जर्जर हो चुका है, जिससे आए दिन लोगों को हादसों होते रहते हैं. कमजोर भवन की वजह से टिकट लेते वक़्त यात्रियों के ऊपर पत्थर भी गिर जाते हैं.

क्या कहते है लोग
लोगों का यह कहना है कि यह सरकारी बस स्टैंड काफी पुराना है, परंतु कभी भी इसकी मरम्मत नहीं हुई है. इसकी वजह से यह काफी जर्जर हो चुका है.
सरकार को चाहिए कि इस पर विशेष ध्यान देकर मरम्मत कराएं. जिस तरह खादगढ़ा बस स्टैंड को चमकाया गया है, उसी तरह इस बस स्टैंड का भी रंगों रोगन किया जाये.

लोगों ने यह भी कहा कि साफ सफाई पर भी ध्यान देने की भी आवश्यकता है, क्योंकि चारों तरफ गंदगी फैली है. इसकी वजह से बीमारी होने का भी डर रहता है. सरकार और अधिकारियों को इस पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है.

