पटना : पटना के नामी स्कूल बिशप वेस्कॉट के प्राचार्या ने एक महिला अभिभावक के साथ दबंगई दिखाई है. अभिभावक का कसूर इतना ही था कि वह सरकारी आदेश के आलोक में लॉकडाउन अवधि के दौरान अपने बच्चे की ट्रांसपोर्टेशन, लाइब्रेरी और एनुअल चार्जेज नहीं लेने की गुहार लेकर प्राचार्या के पास पहुंची थी. आरोप है कि प्राचार्या ने न सिर्फ धमकी दी बल्कि बच्चे का करियर खराब करने तक की बात कह दी. महिला अभिभावक का मोबाइल तक छीन लिया गया.
इस घटना के बाद महिला अभिभावक की हालत काटो तो खून नहीं की जैसी हो गयी थी. वो दो दिनों से सदमे की हालात में है. इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो गया है जिसमें प्राचार्य महिला अभिभावक को धमकी देते हुए दिख रही है. फेडरेशन ऑफ पेरेंट्स एसोसिएशन (इंडिया) के महासचिव अजय राय और संजीव पाठक ने राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग नई दिल्ली के चेयरमैन प्रियांक कानूनगो को पर् लिखकर इस घटना की जानकारी दी है और इस सबंध में उचित कार्रवाई करने की मांग की है.
अजय राय ने मांग की है कि
(1) आर्थिक संकट से जूझ रहे अभिभावको की लॉक डाउन अवधि की तिमाही फ़ीस माफ़ कराई जाय.
(2) छोटे बच्चों के स्वास्थ्य पर पड़ते दुष्प्रभाव के कारण बच्चों की ऑनलाइन क्लास 1से 8 तक पर रोक लगे.
(3) स्कूलों की पिछले पांच साल की इनकम टैक्स ,बैलेंस शीट की जांच हो और उन्हें पब्लिक पोर्टल पर अपलोड किया जाय.
(4) स्कूलों में कार्य कर रहे टीचिंग नन-टीचिंग स्टाफ की सैलरी सातवें वेतनमान के अनुरूप मिल रही है कि नहीं इसकी जांच हो.
(5) स्कूल पूरे साल किस किस मद में कितना शुल्क बच्चों से ली जाती है उसका पूरा डिटेल्स की जाच हो.
(6) बीपीएल कैटेगरी के स्कूल में कितने बच्चे किस क्लास में पढ़ते हैं इसकी भी जांच
हो.

