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बोर्ड निगम व आयोग में ब्यूरोक्रेशी हावीः आयोग में काम कर चुका एक ऐसा शख्स जिसकी नियुक्ती में 3 साल लगे

by bnnbharat.com
June 30, 2020
in समाचार
बोर्ड निगम व आयोग में ब्यूरोक्रेशी हावीः आयोग में काम कर चुका एक ऐसा शख्स जिसकी नियुक्ती में 3 साल लगे
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खास बातें:-

  • ब्यूरोक्रेशी नहीं चाहती कि कोई सक्षम व्यक्ति आयोग, निगम व बोर्ड में अपनी सेवा दें

  • बोर्ड निगम व आयोग में अब तक ब्यूरोक्रेशी का रहा है दबदबा

रांचीः राज्य के बोर्ड-निगम व आयोग में ब्यूरोक्रेशी का ही दबदबा रहा है. इसके लिए लॉबिंग भी जबरदस्त होती रही है. कई बोर्ड निगम व आयोग में अब भी ब्यूरोक्रेट्स तैनात हैं. उन्हें रिटायरमेंट बेनेफिट प्लान मिला हुआ है.

जो बोर्ड निगम व आयोग में पद खाली पड़े हैं, उसके लिए लॉबिंग भी शुरू हो गई है. इसमें सबसे अधिक दिलचस्पी ब्यूरोक्रेट्स ही दिखा रहे हैं. इस वजह से आयोग, बोर्ड व निगम को चलाने वाले सक्षम व्यक्ति साइडलाइन कर दिए जाते हैं.

वरीय आईएएस अफसरों को बतौर बोर्ड-निगम में जगह देकर बेहतर रिटायरमेंट प्लान का तोहफा भी मिल जाता है. प्लान ऐसा कि पद, पैसे के साथ तीन व पांच साल के लिए बुक.

एक ऐसा शख्स जिसकी नियुक्ति में लगे तीन साल

आयोग में एक ऐसा शख्स जिसकी नियुक्ती में तीन साल लगे. नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि उनकी अनुशंसा आयोग में अर्जुन मुंडा सरकार के समय हुई थी, लेकिन उनकी नियुक्ती में तीन साल लग गए.

तीन साल तक फाइल जलेबी की तरह घूमती रही, लेकिन इसी शख्स ने अकेले काम कर दिखा दिया कि विशेषत्र भी बेहतर ढ़ंग से कामों का निपटारा कर सकते हैं. सैकड़ों मामलों का निपटारा भी किया. लोगों को न्याय भी दिलाया.

इस शख्स के आने से विश्वास भी बढ़ा. दो टूक भी कहा कि जब आयोग, बोर्ड निगम में ब्यूरोक्रेट्स को जगह मिलती है तो सभी सुविधाएं दी जाती है.

जबकि विशेषज्ञ को वे सुविधाएं नहीं मिलती. वहीं इन संस्थाओं में मैनपावर की भी काफी कमी है. आयोग का गठन इसलिए होता है कि कार्यकारी संस्थाओं पर नजर रखी जा सके.

एक दर्जन से अधिक बोर्ड-निगम IAS के हवाले

राज्य के अधिकांश बोर्ड-निगम और आयोग में आईएएस अफसर काबिज हैं. इसमें अपर मुख्य सचिव रैंक के अफसर भी शामिल हैं. अफसरों की प्रभावी लॉबी के साथ उनकी पहुंच और पैरवी के आगे सरकार भी नतमस्तक हो जाती है.

इन बोर्ड निगम और आयोग में IAS हैं काबिज

  • राज्य मानवाधिकार आयोगः पूर्व आईएएस एसके सत्पथी
  • झारखंड राज्य लोक सेवा आयोग: पूर्व सीएस सुधीर त्रिपाठी
  • ऊर्जा विकास निगम लिमिटेड: एल खियांग्यते
  • झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड: आईएफएस पीके वर्मा
  • राज्य निर्वाचन आयोगः आईएएस एनएन पांडेय
  • झारखंड राज्य खाद्य आयोगः आईएएस सुधीर प्रसाद

इन प्रमुख बोर्ड, निगम आयोग में अध्यक्ष का पद है खाली

  • झारखंड राज्य कर्मचारी चयन आयोग
  • राज्य सूचना आयोग
  • आरआरडीए
  • झारखंड राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग
  • खादी बोर्ड
  • झारखंड राज्य वन विकास निगम
  • झारखंड राज्य आवास बोर्ड
  • झारखंड राज्य विद्युत नियामक आयोग

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