नई दिल्ली :-प्रधानमंत्री ने कहा, दशहरे का ये पर्व, असत्य पर सत्य की जीत का पर्व है. लेकिन, साथ ही ये एक तरह से संकटों पर धैर्य की जीत का पर्व भी है.”
उन्होंने कहा, ‘आज आप सभी बहुत संयम के साथ जी रहे हैं, मर्यादा में रहकर पर्व, त्योहार मना रहे हैं, इसलिए, जो लड़ाई हम लड़ रहे हैं, उसमें जीत भी सुनिश्चित है. पहले दुर्गा पंडाल में, मां के दर्शनों के लिए इतनी भीड़ जुट जाती थी. एकदम, मेले जैसा माहौल रहता था, लेकिन, इस बार ऐसा नहीं हो पाया. पहले, दशहरे पर भी बड़े-बड़े मेले लगते थे, लेकिन इस बार उनका स्वरूप भी अलग ही है.”
प्रधानमंत्री ने कहा कि कोरोना के इस संकट काल में, हमें संयम से ही काम लेना है, मर्यादा में ही रहना है.
इसके साथ ही पीएम ने सैनिकों को याद करते हुए कहा, “मैं उन परिवारों के त्याग को भी नमन करता हूं, जिनके बेटे-बेटियां आज सरहद पर हैं. हर वो व्यक्ति जो देश से जुड़ी किसी-न-किसी जिम्मेदारी की वजह से अपने घर पर नहीं है, अपने परिवार से दूर हैं, मैं ह्रदय से उनका आभार प्रकट करता हूं.”
उन्होंने आगे कहा, “हमें घर में एक दीया, भारत माता के इन वीर बेटे-बेटियों के सम्मान में भी जलाना है. मैं अपने वीर जवानों से भी कहना चाहता हूं कि आप भले ही सीमा पर हैं, लेकिन पूरा देश आपके साथ हैं, आपके लिए कामना कर रहा है.”
पीएम मोदी ने मन की बात कार्यक्रम में खादी की लोकप्रियता पर भी बता की. उन्होंने कहा, “स्वास्थ्य की दृष्टि से ये बॉडी फ्रेंडली फैब्रिक है, हर मौसम में पहना जाने वाला है और आज खादी फैशन स्टेटमेंट भी है. खादी की पॉपुलैरिटी तो बढ़ ही रही है. साथ ही, दुनिया में कई जगह, खादी बनाई भी जा रही है

