रांची: वैश्विक महामारी कोरोना संक्रमण के कारण देशव्यापी लॉकडाउन में जब रांची की मनीषा रॉय के परिवार का व्यवसाय चौपट हो गया तो उन्होंने अपनी बहु रूपा चंद्रा के साथ मिलकर घर में ही छोटे से स्तर से चॉकलेट बनाने का काम शुरू किया. कुछ ही महीने में चॉकलेट बनाने का यह छोटा सा काम बड़े व्यवसाय के रूप में तब्दील हो गया है. वहीं क्रिसमस और नये वर्ष के तोहफे के रूप में उनके चॉकलेट की मांग काफी बढ़ गयी है.
आज 70 से 80 डिजाइन की चॉकलेट बना लेती हैं सास-बहू
मनीषा रॉय का कहना है कि जब लॉकडाउन में परिवार का बिजनेस ठप हो गया, तो मैंने ही चॉकलेट बनाने का काम शुरू किया. प्रारंभ के एक-डेढ़ महीने तक चॉकलेट बनाने को लेकर काफी अध्ययन किया और आज 70 से 80 डिजाइन की चॉकलेट बना लेती हैं. इस काम में छोटी बहू रूपा चंद्रा भी पूरा सहयोग करती हैं.
चॉकलेट से खत्म हुआ घर-परिवार का आर्थिक संकट
चॉकलेट निर्माण के काम मे साथ देने वाली बहू रूपा चंद्रा का कहना है कि लॉकडाउन के पहले तक उनके पति स्कूलों में बच्चों के लिए कई तरह शिक्षण सामग्री की आपूर्ति के व्यवसाय में जुटे थे, लेकिन लॉकडाउन में स्कूल-कॉलेज और शिक्षण संस्थान बंद होने से उनका यह व्यवसाय चौपट होने पर घर में आर्थिक संकट की स्थिति उत्पन्न हो गयी. इस दौरान उनकी सास के चॉकलेट बनाने का यह आइडिया कुछ ही दिनों में कामयाबी की ओर बढ़ चला है. इस व्यवसाय ने घर-परिवार में आर्थिक संकट की स्थिति खत्म हो गयी.
सोशल मीडिया के जरिए कारोबार को फैलाए: मनीषा
60 वर्षीय मनीषा बताती है कि आज वह स्ट्रोबरी, कोकोनट, किवी, न्यूट्रेला समेत 10 फ्लेवर की चॉकलेट बनाती हैं, जिसकी बाजार में अच्छी मांग है. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से भी अपने व्यवसाय को वृहत रूप देने में कामयाबी हासिल की है. चॉकलेट के व्यवसाय में नये फ्लेवर के साथ डिजाइन और पैकेजिंग का भी काफी महत्वपूर्ण स्थान होता है, जिसमें उनकी बहू पूरा सहयोग करती है.
चॉकलेट ने लॉकडाउन के बुरे वक्त में परिवार को दिया सहारा
चॉकलेट का स्वाद चखने वाले आसपास के बच्चों और युवाओं का कहना है कि मनीषा आंटी के हाथों से बने चॉकलेट स्वाद से भरपूर हैं, साथ ही इसमें सेहत का खजाना भी है. इसमें मां की ममता तो है ही, दादी का दुलार भी है. यही नहीं, इसी चॉकलेट ने लॉकडाउन के बुरे वक्त में इनके भरे-पूरे परिवार को सहारा भी दिया.
मनीषा जैसी महिलाओं को मिला घर बैठे रोजगार
2020 के साल मे वैश्विक महामारी कोरोना ने लोगों को काफी हताश और परेशान किया. लेकिन, इसने लोगों को जीने का नया जरिया और नजरिया भी दिया. आज मनीषा जैसी महिलाओं को घर बैठे अच्छा-खासा रोजगार मिल गया है और, चॉकलेट की मिठास अब इनके जीवन मे भी घुलने लगी है.

