पलामू: लाईसेंस और ई-पॉश मशीन लेकर जिले के कई खुदरा उर्वरक विक्रेता व्यववसाय नहीं कर रहे हैं. उनके इस रवैये को कृषि विभाग ने गंभीरता से लिया है. उन्हें स्पष्टीकरण दिया गया है. एक सप्ताह में जवाब मांगा गया है. संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर मशीन जब्त करने के साथ-साथ उनका लाईसेंस भी रद्द किया जाएगा. ऐसे लोगों की संख्या करीब 131 है.
जानकारी के मुताबिक जिले के कई लोगों ने खुदरा उर्वरक के व्यवसाय के लिए जिला कृषि कार्यालय से उर्वरक लाईसेंस प्राप्त किया है. साथ ही, उन्हें उर्वरक के व्यवसाय के लिए उर्वरक कंपनियों के माध्यम से ePOS मशीन भी उपलब्ध कराया गया है. विभाग के अनुसार mFSM साईट के अनुसार वर्ष 2020 में उन्होंने किसी भी प्रकार का उर्वरक का व्यवसाय नहीं किया गया है.
विभाग के मुताबिक ऐसा प्रतीत होता है कि आपके द्वारा उर्वरक लाइसेंस प्राप्त कर उर्वरक का व्यवसाय नहीं किया जा रहा है. अनावश्यक रूप से ePOS मशीन प्राप्त कर उनके द्वारा उपयोग नहीं किया जा रहा है. जिले में कई ऐसे उर्वरक लाईसेंसधारी है, जिनके पास ePOS मशीन नहीं रहने के कारण उर्वरक का कारोबार नहीं कर पा रहे हैं.
विभाग ने ऐसे लोगों से पूछा है कि ePOS मशीन प्राप्त कर इसका दुरूपयोग एवं उर्वरक का व्यवसाय नहीं किये जाने के कारण क्यों नहीं आपका लाईसेंस निलंबित/रद्द किया जाय. सभी से एक सप्ताह के अन्दर अपना लिखित स्पष्टीकरण मांगा गया है. उनसे जिला कृषि कार्यालय में स्पष्टीकरण समर्पित करने का आदेश दिया गया है.
ऐसे लोगों से कहा गया है कि निर्धारित समय सीमा के अन्दर उत्तर प्राप्त नहीं होने पर यह समझा जायेगा कि वे उर्वरक का व्यवसाय नहीं करना चाहते हैं. इसके बाद उनका उर्वरक लाईसेंस निलंबित/रद्द करते हुए ePOS मशीन जब्त करने की कार्रवाई की जायेगी.

