जमशेदपुर : झारखंड सरकार द्वारा कोरोना संक्रमण को लेकर लापरवाही बरतने वाले दुकानदारों पर 1 लाख रुपये जुर्माना और दो साल की कैद का जो आदेश दिया गया है, उसके खिलाफ जमशेदपुर के व्यापारी गोलबंद हो गये है. सिंहभूम चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के बिष्टुपुर स्थित भवन में सारे व्यापारिक व औद्योगिक संगठनों की आपात बैठक बुलायी गयी. इस बैठक में तय किया गया कि शनिवार को झारखंड सरकार के खिलाफ सारे दुकानदार अपनी प्रतिष्ठानों और दुकानों को बंद रखेंगे. व्यापारियों ने इसको तुगलकी फरमान बताया है और कहा है कि एक लाख रुपये जुर्माना की राशि काफी ज्यादा है और दो साल की कैद का जो प्रावधान है, वह भी काफी ज्यादा है. इसके जरिये भयादोहन जिला पुलिस और प्रशासन का बढ़ जायेगा.
कोरोना के संक्रमण को रोकने के लिए सरकार चाहे तो और भी कदम उठा सकती है. लेकिन इस तरह ब्लैकमेलिंग का रास्ता खोलना गलत है. व्यापारियों और उद्यमियों ने साफ तौर पर कहा है कि वे लोग इस कानून का विरोध करते है. इसके विरोध में सारे दुकानदार काला बिल्ला लगाकर विरोध करेंगे. इसके विरोध में एक दिन का हड़ताल दुकानदार करेंगे और शनिवार को सारी दुकानें बंद रहेंगी. इसके बाद रविवार से दुकानदार काला बिल्ला लगाकर अपना कारोबार करेंगे.
कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए व्यापारियों ने यहां फैसला लिया है कि वे लोग जमशेदपुर में दुकानें सिर्फ शाम को छह बजे तक ही खोलेंगे.वैसे सरकार का नियम रात के 9 बजे तक खोलने का है, लेकिन खुद व्यवसायी और दुकानदार संक्रमण को रोकने के लिए शाम छह बजे तक ही अपनी दुकानों को खोलने का फैसला लिया है. यह तब तक जारी रहेगा जब तक कोरोना का संक्रमण थम नहीं जाता है. इन लोगों ने यह भी कहा है कि एक दिन की बंदी से भी कोई असर नहीं पड़ेगा तो वे लोग अनिश्चितकालीन बंद करने की भी घोषणा कर सकते है. राज्य सरकार को सिंहभूम चेंबर ऑफ कॉमर्स ने कड़ी चेतावनी दी है और इस तुगलकी फरमान को तत्काल वापस लेने की अपील भी की है.
