रांची : झारखंड प्रदेश कांग्रेस राहत निगरानी समिति की बैठक शुक्रवार को प्रदेश कांग्रेस कन्ट्रोल रूम में हुई. बैठक में समिति के सदस्य प्रदीप तुलस्यान, आलोक कुमार दूबे, लाल किशोरनाथ शाहदेव, डाॅ0 राजेश गुप्ता छोटू, मदन मोहन शर्मा, सुरेन्द्र सिंह, दिनेश लाल सिन्हा उपस्थित थे.
एक सवाल के जवाब में प्रदेश कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष सह खाद्य आपूति सह वित्त मंत्री डाॅ0 रामेश्वर उराॅंव ने कहा है कि लाॅकडाउन व कोरोना महामारी के कारण राज्य की अर्थव्यवस्था को भारी नुकसान हुआ है. पूर्व की तरह अर्थव्यवस्था को यथास्थिति व पटरी पर लाना, गतिशील बनाना हमारी प्राथमिकताओं में है. इसके लिए रोड मैप एवं एक्शन प्लान भी तैयार है. समय लगेगा, लेकिन अर्थव्यवस्था को गति भी देंगे और पटरी पर भी लायेंगे. वर्तमान समय में हर महीने राजस्व संग्रहण में तीस प्रतिशत से ज्यादा का कमी हो रहा है. टैक्स को व्यापक बनायेंगे और आमलोगों से सहयोग की अपील करेंगे. आने वाले छः महीने तक अनाज की उपलब्धता भी एक बड़ी जिम्मेवारी है, क्योंकि अभी से लेकर दिसम्बर तक अनाज का अभाव रहेगा.इसलिए हमने भारत सरकार के खाद्य आपूर्ति मंत्री रामविलास पासवान जी से मांग की है कि झारखण्ड जैसे गरीब प्रदेश के लिए छः महीने (दिसम्बर) तक अनाज उपलब्ध कराये.
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता आलोक कुमार दूबे, लाल किशोरनाथ शाहदेव व डाॅ0 राजेश गुप्ता छोटू ने भाजपा द्वारा स्वर्णिम काल बताये जाने पर कहा है कि भारत की सभ्यता-संस्कृति की ज्ञात इतिहास में पिछले छह वर्षों का शासनकाल सबसे कष्टमयी साबित हुआ है. उन्होंने कहा कि छह वर्षोंमें सिर्फ आम जनता को बहला-फुसलाकर, चीन और पाकिस्तान का भय दिखाकर तथा सत्ता का दुरुपयोग कर वाहवाही लूटने वाली केंद्र सरकार की सच्चाई अब जनता के सामने आ गयी है। वैश्विक कोरोना महामारी के दौरान बिना सोचे-समझे या कोई ठोस रणनीति बनाये हुए केंद्र सरकार ने जो अदूरदर्शी फैसले लिये, उससे आज सूक्ष्म-लघु एवं मध्यम उद्योगों में लगे 12 करोड़ लोग बेरोजगार हो गये, करोड़ों प्रवासी श्रमिक बेरोजगार होकर अपने घर को लौटने को मजबूर हुए है.
प्रदेश प्रवक्ता ने कहा कि इन छह वर्षों में सत्ता का इस तरह से दुरुपयोग हुआ है कि आज देश का एक बड़ा उद्योगपति भी विपक्ष के एक नेता से बात करने में कतरा रहा है, भाजपा नेतृत्व वाली सरकार में मीडिया पर किस तरह से दबाव बनाया गया है, यह सर्वविदित है। देश के विभिन्न हिस्सों में लाॅकडाउन में करीब ढ़ाई महीने के कार्यकाल के दौरान जिस तरह से लोगों को संकट का सामना करना पड़ा, उसकी व्यथा आज पूरे दुनिया में चर्चा का विषय का बन गयी है. लेकिन बेशर्मी की सारी हदें पार कर भाजपा नेता मोदी-2.0 सरकार के एक वर्ष का कार्यकाल पूरा होने पर जश्न मनाने में जुटे है. लाॅकडाउन में जब करोड़ों लोग बेरोजगार हो गये, झारखंड जैसे पिछड़े राज्य में लाखों गरीब परिवारों के पास दो जून खाने के लिए पैसे नहीं है, वैसे समय में लाखों-करोड़ रुपये खर्च कर वर्चुअल रैली और प्रचार-प्रसार करना भाजपा नेताओं के ढोंग को दर्शाता है.
प्रदेश प्रवक्ता ने कहा कि 22 मार्च को लाॅकडाउन शुरू होने के बाद दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी कहलाने वाले प्रदेश भाजपा के दफ्तर में एक नोटिस चिपका कर कार्यालय को बंद रखने की घोषणा की गयी, उसी दल के नेता आज गरीबों को चिढ़ाने के लिए विधानसभावार वर्चुअल रैली करने जा रहे है। अपनी सत्ता के मदहोश मेंदेशभर के प्रवासी श्रमिकों को सैकड़ों-हजारों किलोमीटर पैदल चलने के लिए मजबूर कर देने वाले नेताओं से देश की जनता को आज घृणा हो गया है. वहीं आज जब कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या में निरंतर बढ़ोत्तरी हो रही है, तो सारी जिम्मेवारी राज्यों पर छोड़ दी गयी है. दूसरी तरफ प्रदेश भाजपा के नेता घर में भरपेट भोजन कर और आराम की नींद पूरा कर इस दौरान सिर्फ दिखावे के लिए राज्य सरकार को चिट्ठी लिखते रहे, पत्र लिखने मेंभी बेशर्मी की सारे हदें पार कर दी और इस दौरान भाजपा नेताओं ने प्रवासी श्रमिकों, गरीब और जरूरतमंद परिवारों की मदद के लिए प्रधानमंत्री या केंद्रीय मंत्री को एक भी पत्र नहीं लिखा.

