रांची: पूरा विश्व कोरोना महामारी के संक्रमण से परेशान है. वहीं रांची बिजली वितरण के महाप्रबंधक संजय कुमार मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के आदेश को भी दरकिनार कर अपने चहेते को लाभ पहुंचाने में लगे है : अजय राय
इस आशय का पत्र आज झारखंड ऊर्जा विकास श्रमिक संघ के अध्यक्ष अजय राय ने प्रबन्ध निदेशक जेबीवीएनल के.के वर्मा को मेल के माध्यम से (JBVNL) दी है.
अजय राय ने बताया कि रांची बिजली वितरण के महाप्रबंधक सह मुख्य अभियन्ता संजय कुमार मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के आदेश को भी दर किनार कर अपने चहेते को रांची में टेंडर नम्बर NIT NO.46/47/PR/JBVNL/2019-20 देकर लाभ पहुंचाने में लगे है.
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जिसका विरोध झारखंड ऊर्जा विकास श्रमिक संघ कर रहा है चुंकी झारखंड ऊर्जा विकास निगम के रांची एरिया बोर्ड में विभिन ठेकेदारों के अधीन दैनिक वेतन भोगी मजदूर (कुशल और अकुशल ), झारखंड के विभिन्न इलेक्ट्रिक सप्लाई एरिया बोर्ड और ट्रांसमिशन जोन में 2017 से काम करते आ रहे हैं और आज इन्हीं के बल बुते कोरोना के लॉक डाउन में सुचारू विद्युत आपूर्ति सभी को मिल पा रही है.
अजय राय ने बताया कि विगत 2017 से अभी तक श्रम विभाग द्वारा तीन-चार बार न्यूनतम मजदूरी दर में संशोधन किया जा चुका है, मगर मजदूरों को बढ़े दर पर भुगतान नहीं किया जा रहा है. हालांकि श्रम विभाग द्वारा न्यूनतम मजदूरी में वृद्धि सम्बन्धी आदेश को समय-समय पर दिया जाता रहा है मगर काम कर रहे मजदूरों को बकाया अंतर राशि का भुगतान नहीं किया गया.
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राय ने बताया कि बिना एरियर के भुगतान के रांची एरिया बोर्ड में नया टेंडर निकाल दिया गया है जिसके तहत रांची में टेंडर नम्बर NIT NO.46/47/PR/JBVNL/2019-20 है. आखिर इन परिस्थितियों में कर्मियों को अपनी मेहनत के पैसे के लिए कहां कहां भटकना होगा और उन्हें उनका एरियर मिलेगा भी की नहीं इस पर कुछ कह पाना मुश्किल प्रतीत होता है.
हेमंत सोरेन के नेतृत्व में नई सरकार के गठन होने के उपरांत मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सभी विभागों को यह आदेश दिया था की पुरानी सरकार में जो भी टेंडर निकाला गया है उसे तत्काल रद्द किया जाए, लगभग सारे विभागों ने पुराने निकाले गए टेंडर को रद्द कर दिया मगर रांची के महाप्रबंधक कार्यालय से निकाला गया उक्त दो टेंडर नम्बर NIT NO.46/47/PR/JBVNL/2019-20 निविदा को रद्द ना कर महाप्रबंधक अपने चहेते एजेंसी को देना चाहते हैं जो कहीं ना कहीं मुख्यमंत्री के आदेश की अवहेलना के साथ-साथ भ्रष्टाचार का मामला बनता है.
चूंकि इसके साथ दूसरे निकाले गए सभी टेंडर को महाप्रबंधक संजय कुमार ने रदद् कर दिया मगर इन दो टेंडर को रद्द नहीं किया जाना सन्देह के घेरे में आता है. चूंकि इस मुद्दे पर पूर्व में भी एक पत्र महाप्रबंधक कार्यालय को श्रमिक संघ ने दिया था.
अजय राय ने कहा कि ऊर्जा विभाग इस मुद्दे को गंभीरता से ले और तत्काल रांची में टेंडर नम्बर NIT NO.46/47/PR/JBVNL/2019-20 को रद्द करने का आदेश दे अन्यथा झारखंड ऊर्जा विकास श्रमिक संघ इस मुद्दे पर आंदोलन का रुख अपनाते हुए अपने कर्मियों के साथ हड़ताल पर जाने को बाध्य होगी.

