रांची: सदर अस्पताल परिसर स्थित झारखंड राज्य एड्स नियंत्रण समिति (जेएसएसीएस) कार्यालय में आज परियोजना निदेशक राजीव रंजन (आईएएस) ने नाको संपोषित एवं सरकारी रक्त केन्द्रों के द्वारा किये जा रहे कार्यों तथा रक्त संचरण विभाग की समीक्षा संबंधित पदाधिकारियों के साथ बैठक के माध्यम से की.
बैठक के दौरान उन्होंने पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि राज्य स्तर पर स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का आयोजन बड़े पैमाने पर सुनिश्चित कराया जाए, ताकि सभी जिलों के ब्लड बैंकों में पर्याप्त मात्रा में रक्त की उपलब्धता बनी रहे.
उन्होंने कहा कि मुख्य सचिव महोदय द्वारा स्वीकृति कैलेंडर के अनुसार, इस वर्ष 2021 में कैलेंडर आधारित स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का आयोजन सभी जिलों में जिला प्रशासन के स्तर से आयोजित किया जाना है, इस कार्य के निष्पादन हेतु कैलेंडर का प्रकाशन समय पर सुनिश्चित करते हुए सभी जिलों के उपायुक्त को उपलब्ध कराने की दिशा में कार्रवाई करें, ताकि राज्य के सभी जिलों में व्यापक रूप से स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का सफल आयोजन हो सके.
कैलेंडर के माध्यम से सभी कार्यालयों के कर्मियों के साथ-साथ विभिन्न जिलों के सुरक्षाकर्मी, पुलिस के जवान, पैरामिलिट्री फोर्स के जवान, नगर परिषद के कर्मी, आंगनबाड़ी सेविका एवं सहायिका आदि रक्तदान शिविर में अपना योगदान कर सकें.
ब्लड बैंक में प्रशिक्षित कर्मियों की होगी प्रतिनियुक्ति, रक्त सुरक्षा का रखा जाएगा विशेष ध्यान-परियोजना निदेशक
परियोजना निदेशक राजीव रंजन ने पदाधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि नाको संपोषित तथा सरकारी ब्लड बैंक में तकनीकी कर्मियों की रिक्तियों को पूर्ण करने की दिशा में जल्द से जल्द कार्रवाई सुनिश्चित करें. साथ ही सभी समय समय रक्त संचरण सेवा संबंधित प्रशिक्षण आयोजित करें.
वैश्विक महामारी कोविड-19 के दौरान नाको संपोषित एवं सरकारी रक्त केंद्रों द्वारा एकत्र किया गया 138703 यूनिट रक्त तथा निर्गत किया गए 133291 यूनिट रक्त- परियोजना निदेशक
परियोजना निदेशक राजीव रंजन ने कहा कि वैश्विक महामारी कोविड-19 के दौरान (22 मार्च 2020 से 27 जनवरी 2021) नाको संपोषित एवं सरकारी रक्त केंद्रों द्वारा 1,38,703 यूनिट रक्त एकत्र किया गया तथा 1,33,291 यूनिट रक्त निर्गत किया गया. कोविड-19 के संक्रमण काल में भी पूरे राज्य के ब्लड बैंकों में रक्त की कमी ना हो इसका विशेष ध्यान रखा गया.
उन्होंने कहा कि राज्य में स्वस्थ्य सेवा को बेहतर बनाने की दिशा में कार्य करने की आवश्यकता है इसके लिए राज्य के 11 जिलों के ब्लड बैंकों को ब्लड कंपोनेंट सेपरेशन यूनिट के रूप में विकसित करने की दिशा में कार्रवाई जल्द से जल्द पूर्ण की जाए. इन 11 जिलों में बोकारो, गिरिडीह, पूर्वी सिंहभूम पश्चिमी सिंहभूम, गुमला, पलामू, हजारीबाग, देवघर, रामगढ़, रांची एवं दुमका जिला शामिल हैं.
समीक्षा के दौरान उपनिदेशक (बीटीएस) डॉ चंद्रप्रकाश चौधरी, उपनिदेशक(आई0ई0सी) सत्य प्रकाश प्रसाद, सहायक निदेशक (वीबीडी) जूली नीता सोके, सहायक निदेशक(क्वालिटी) डॉ. सुधीर कुमार व अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे.

