रांची: राज्य के पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री मिथिलेश कुमार ठाकुर ने कहा है कि गर्मी के मौसम में राजधानी वासियों को पेयजल संकट का सामना नहीं करना पड़ेगा, इस संबंध में उन्होंने विभाग के सभी अभियंताओं को संयुक्त कार्ययोजना तैयार कर स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक तैयारी करने का निर्देश दिया है. मिथिलेश कुमार ठाकुर सोमवार को रांची के धुर्वा डैम का निरीक्षण करने के बाद पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे.
पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री ने बताया कि धुर्वा डैम से प्रतिदिन एचईसी संयंत्र के अलावा कई व्यवसायिक संस्थानों और शहर के बड़े हिस्से में पानी की आपूर्ति की जाती है. लेकिन इस दौरान आपूर्ति होने वाली तीन एमजीडी (मीलियन गैलन पर डे) का कोई हिसाब नहीं मिल पा रहा है. इसका मतलब आपूर्ति हो रही इतनी पानी की चोरी हो रही है, इस पर अंकुश लगाने के लिए उन्होंने विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे नगर निगम के साथ समन्वय बनाकर आवश्यक कार्रवाई करें. उन्होंने आमजनों से यह भी अपील की कि जो लोग अवैध तरीके से पानी ले रहे है, वे वैध तरीके से ही पानी लें, अन्यथा ऐसे करने वालों के खिलाफ विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी.
निरीक्षण के क्रम में उन्होंने धुर्वा डैम की गहराई के क्रम में नियमों की अनदेखी किये जाने पर नाराजगी भी जाहिर की. इस दौरान विभागीय अभियंताओं की ओर से यह भी जानकारी दी गयी कि पेयजल स्वच्छता विभाग सिर्फ डैम का रख-रखाव और निर्माण करता है, लेकिन पेयजल आपूर्ति नगर निगम की ओर किया जाता है, वहीं नगर निगम की ओर से इसके एवज में अब तक कोई भुगतान नहीं किया गया है और करोड़ों रुपये नगर विकास विभाग पर बकाया है. इस संबंध में विभागीय मंत्री ने नगर विकास विभाग को पत्र लिखने का निर्देश दिया. पेयजल स्वच्छता मंत्री कल रूक्का और कांके डैम का भी निरीक्षण करेंगे.

