नई दिल्ली: मध्य प्रदेश में सत्तारूढ़ भाजपा ने विपक्षी कांग्रेस पर आरोप लगाया है कि उसने सरकार में रहते किसानों का कर्जा माफ करने का वादा पूरा नहीं किया. राज्य के कृषि मंत्री कमल पटेल ने कहा है कि कमलनाथ सरकार ने किसानों के साथ धोखा किया.
किसानों को सर्टिफिकेट बांट दिए गए लेकिन उनका कर्जा माफ नहीं हुआ. ऐसे में उन किसानों को, जिन्हें सर्टिफिकेट तो मिला है लेकिन कर्ज माफ नहीं हुआ है. वो पूर्व सीएम कमलनाथ और राहुल गांधी के खिलाफ धोखाधड़ी का केस करें.
हाल ही में कृषिमंत्री का पद संभालने वाले कमल पटेल ने एनडीटी के साथ एक बातचीत में कहा, सीएम के रूप में शपथ लेने के दो घंटे के भीतर, कमलनाथ ने राहुल गांधी की ओर से किए गए चुनावी वादे के अनुरूप 48 लाख किसानों के 54,000 करोड़ के कृषि ऋण को माफ करने के लिए फाइल पर हस्ताक्षर किए थे. इसके बाद किसानों को केवल सर्टिफिकेट बांटे गए, अभी तक ये साफ नहीं है कि कर्जा माफ हुआ है या नहीं हुआ है.
मध्य प्रदेश के कृषि मंत्री ने कहा, जिन किसानों को सर्टिफिकेट तो मिला है लेकिन कर्ज माफ नहीं हुआ है. उनको कमलनाथ और राहुल गांधी के खिलाफ धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश के मामलों का केस दर्ज करा देना चाहिए. किसान अगर केस करते हैं तो हम इन मामलों पर तुरंत कार्रवाई करेंगे.
मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ की कृषि ऋण माफी योजना को मौजूदा सरकार खत्म हो कर सकती है. कमलनाथ ने राज्य के सीएम पद की शपथ लेने के कुछ ही घंटों बाद राज्य के किसानों के दो लाख रुपए तक के ऋण माफ करने की घोषणा की थी. मौजूदा सरकार ने इसमें काम ठीक ना होने की बात कही है.
कांग्रेस सरकार में मंत्री रहे जीतू पटवारी ने कहा कि अगर किसानों की कर्ज माफी योजना को बंद किया गया तो किसान सड़क पर उतरेंगे. उन्होंने कहा कि 80 फीसदी कर्ज हम माफ कर चुके हैं अब हमारी मांग है कि इस सरकार को शेष 20 प्रतिशत किसानों के ऋण माफ करने चाहिए.

