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वरिष्ठ कांग्रेसी नेता जयशंकर पाठक के भाई के आवेदन पर हुई कार्रवाई
रांची: हजारीबाग जिले के बड़कागांव हरली में ओएनजीसी के गैस प्लांट में कार्य ठप किए जाने को लेकर बारह दिन बाद बड़कागांव थाना में कांड संख्या 25/2020 में दो नामजद सहित एक अज्ञात पर मामला दर्ज कर लिया गया है.
जिन लोगों पर मामला दर्ज हुआ है उसमें हरली पंचायत समिति सदस्य पूर्व विधायक प्रतिनिधि उपेंद्र कुमार सहयोगी संतोष महतो और एक अज्ञात को आरोपी बनाया गया है.
विधायक प्रतिनिधि की धमकी, डीसी, एसपी से शिकायत
वरिष्ठ कांग्रेसी नेता जयशंकर पाठक भाई व ओएनजीसी के लिए काम कर रहे उत्सव इंटरप्राइजेज के मालिक जय दुर्गा पाठक ने सोलह जनवरी को बड़कागांव एसडीपीओ व थानेदार को आवेदन सौंप कर रंगदारी के लिए धमकी देकर काम बंद करने का शिकायत किया था. 18 जनवरी को ओएनजीसी नॉर्थ कर्णपुरा सीबीएम प्रोजेक्ट के लिए प्रभा एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड के प्रोजेक्ट ऑपरेशन ऑफिसर एसके सिंह के नाम हज़ारीबाग़ उपायुक्त, एसपी बड़कागांव थाना, अंचलाधिकारी को एक आवेदन देकर कहा गया कि बड़कागांव विधायक अंबा प्रसाद के प्रतिनिधि के द्वारा कंपनी को कहा गया कि सभी काम बंद करें और सबका वर्क ऑर्डर कैंसल कर सब काम अपने नाम करने को कहा गया नहीं तो सभी काम ठप करने का धमकी दिया गया.
प्रेशर पॉलिटिक्स, हाई वोल्टेज ड्रामा और सस्पेंस से भरा है मामला
जयदुर्गा पाठक और एस के सिंह के पत्र सोशल मीडिया में वायरल होने के बाद अचानक 23 जनवरी को सादे पेपर में प्रिंटेड लेट्टर हेड में दिए आवेदन का खंडन किया गया. लेकिन अगर पत्र गलत है तो उसके खिलाफ कार्रवाई के लिए कंपनी, उपायुक्त और विधायक की तरफ से कोई पहल नहीं किया गया. आखिर राज क्या है की जिले के उपायुक्त, एसपी को एक बड़ी कंपनी के लेट्टर हेड में विधायक के नाम गंभीर आरोप लगाने से संबंधित फर्जी पत्र दिया गया तो उपायुक्त, कंपनी और विधायक की ओर से कोई भी कार्रवाई करने की पहल नहीं किया गया सिर्फ़ खंडन कर मामला रफा-दफा करने का प्रयास किया गया.
16 जनवरी को बड़कागांव थाने में दिया आवेदन पर 28 जनवरी को मामला दर्ज होने के पीछे राज क्या है.
आखिर किसके दबाव में इतने दिनों तक मामला दर्ज नहीं किया गया और क्यों ??
ये सभी बात अभी स्पष्ट नहीं हो सका है लेकिन पूरे मामले में सस्पेंस, थ्रिलर का गहरा राज अभी आना बाकी है.
चर्चा यह भी है कि कई महीनों से कार्य कर रही प्रभा एनर्जी का काम विधानसभा चुनाव सम्पन्न होने के बाद ही ठप क्यों करवाया गया ??

