जीवनी

वे आज भी जीवित हैं – भाग – 2 (राजा बलि) 

वे जो युगों युगों से आज भी जीवित हैं। पढिये राजा बलि की कहानी। पौराणिक कथाओं के अनुसार ब्रह्मा के पुत्र ऋषि कश्यप थे। कश्यप ऋषि की पत्नी अदिति के दो पुत्र हिरण्यकश्यप और हिरण्याक्ष हुए। हिरण्यकश्यप के 4 पुत्र...

आचार्य कणाद “एक वैज्ञानिक”

अणु, परमाणु, गति एवं गरुत्वाकर्षण के सिद्धांत व नियमों की व्याख्या कणाद ने हजारों वर्ष पहले की थी। महर्षि कणाद,  वायुपुराण के अनुसार उनका जन्म स्थान प्रभास पाटण बताया जाता है। वे उलूक, कश्यप, पैलुक आदि नामों से भी प्रख्यात...

पृथ्वीराज चौहान

चार बांस चौबीस गज, अंगुल अष्ट प्रमाणता ऊपर सुल्तान है, मत चूको चौहान 12वीं शताब्दी के चौहान वंश के राजा पृथ्वीराज तृतीय (शासनकाल: 1178–1192) जिन्हें पृथ्वीराज चौहान के नाम से ख्याति मिली। उन्होंने वर्तमान राजस्थान, हरियाणा, और दिल्ली और पंजाब,...

बप्पा रावल उर्फ कालभोज जिन्होंने हज़्ज़ात की फौज को खदेड़ दिया था

मेवाड़ के इतिहास भाग -1 बप्पा रावल (गहलोत राजवंश के राजागुरु) बप्पा रावल (713-810) मेवाड़ राज्य में गुहिल राजपूत राजवंश के संस्थापक राजा थे। बप्पारावल का जन्म मेवाड़ के महाराजा गुहिल की मृत्यु के 191वर्ष पश्चात 712 ई. में ईडर...

श्रीराम राज्याभिषेक से लेकर जल समाधि तक का वर्णन है उत्तर रामायण में

उत्तर रामायण: रामायण भारतीय संस्कृति हिन्दू धर्म का इतिहास है. इस महाकाव्य में धर्म के साथ संस्कारों का समावेश किया गया है. मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम को आदर्श पुरूष और सनातन संस्कृति का आराध्य देव माना गया है. इनके विशेषताओं का...

Welcome Back!

Login to your account below

Retrieve your password

Please enter your username or email address to reset your password.

Add New Playlist