जीवनी

आइए जानते हैं ऋषि अंगिरा को जिनका जिक्र ऋग्वेद के सूक्तों में मिलता है

पुराणों के अनुसार महर्षि अंगिरा ब्रह्मा जी के मानस पुत्र हैं तथा ये गुणों में ब्रह्मा जी के ही समान हैं। इन्हें प्रजापति भी कहा गया है और सप्तर्षियों में वसिष्ठ, विश्वामित्र तथा मरीचि आदि के साथ इनका भी परिगणन...

Read more

अंग्रेजों के खिलाफ पहला विद्रोह 1750 में तिलका मांझी ने किया था

आजादी के रणबांकुरों की लड़ाई और प्रथम स्वाधीनता संग्राम की बात करें तो हमारे जेहन 1857 का गदर, रानी लक्ष्मीबाई, मंगल पांडे और तात्याटोपे का बलिदान आकार लेने लगता है. लेकिन भारत भूमि के इस पावन माटी से अंग्रेजों को...

Read more

प्रेरणास्रोत: ऐसी प्रबल इच्छाशक्ति जिसनें एक कुली को बना दिया आईएएस अफसर

  नई दिल्ली. दुनिया में मेहनत और इच्छाशक्ति से बड़ा कुछ भी नहीं है. अगर इंसान कुछ करने की ठान ले तो उसे कोई नहीं रोक सकता. सिविल सेवा की परीक्षा पास करने के लिए लोग मेहनत और लगन के...

Read more

जब क्रांतिकारी से ही मंगा गया स्वतंत्रता सेनानी होने का प्रमाणपत्र : जन्मदिवस पर विशेष

उन्होंने कहा था : “मैं सपने में भी नहीं सोच सकता था कि उस दिल्ली में मैंने जहां बम डाला था, वहां एक अपाहिज की तरह स्ट्रेचर पर लादा जाऊंगा।” भारत के एक क्रांतिकारी ने अंग्रेजों के साथ जंग की।...

Read more

5 वर्ष 10 महीने, 7 वर्ष 11 महीने देश धर्म के लिये जीने मरने को इतनी ही उम्र थी….

दशम गुरु, गुरु गोबिंद सिंह जी महाराज के 6 व 8 साल के पुत्रों बाबा फतेह सिंह और जोरावर सिंह जिन्हें 313 साल पहले 27 दिसंबर को क्रूर मुग़ल शासन ने दीवार में चिनवा दिया गया था। सरहिंद के नवाब...

Read more

लाल, बाल, पाल की तिकड़ी के मशहूर नेता लाला लाजपत राय : पुण्यतिथि पर विशेष

भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के नायकों में से एक और लाल, बाल, पाल की तिकड़ी के मशहूर नेता लाला लाजपत राय का जीवन आज भी युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत बना हुआ है. उन्होंने न सिर्फ आजादी की लड़ाई...

Read more

अकेले ही 30 से भी ज़्यादा ब्रिटिश सैनिकों को मार गिराने वाली भारतीय वीरांगना ‘ ऊदा देवी’

रानी लक्ष्मी बाई, बेगम हज़रत महल जैसी वीरांगनाओं के बारे में तो सब जानते हैं। पर वीरांगना ऊदा देवी के बारे में कम ही लोग जानते हैं जिन्होंने लखनऊ के सिकंदर बाग में ब्रिटिश सेना को मुंहतोड़ जवाब दिया। लखनऊ...

Read more

छोटे से गांव के स्ट्रीट लाइट से नोबेल विजेता बनने तक का सफर

पेड़ के नीचे पढ़ाई करने वाले एक छोटे से गांव के लड़के से नोबेल विजेता बनने तक हरगोविंद खुराना का सफर संघर्ष और जिजीविषा की दास्तान है. उनका नाम उन चुनिंदा वैज्ञानिकों में शामिल है जिन्होंने बायोटेक्नॉलॉजी की बुनियाद रखने...

Read more

कल्याण किला जितने के बाद शिवाजी ने औरंगजेब की बहन और शाहजहां की बेटी रोशनआरा को आदर के साथ उसके घर भिजवा दिया था

छत्रपति शिवाजी महाराज के समय में महिलाओं का हमेशा सम्मान किया जाता था चाहे वह दुश्मन की बहन बेटियां हीं क्यों ना हो। सभी को अपनी माता और बहन के समान समझा जाता था। महिलाओं की गरिमा हमेशा बनाए रखनी...

Read more

नाथूराम गोडसे के जीवन, चरित्र और विचारों का समग्र मूल्यांकन करने से उनका स्थान भगत सिंह और ऊधम सिंह की पंक्ति में चला जाएगा: भाग – 2

नाथूराम गोडसे के नाम और उनके एक काम के अतिरिक्त लोग उन के बारे में कुछ नहीं जानते। एक लोकतांत्रिक देश में यह कुछ रहस्यमय बात है। रहस्य का आरंभ 8 नवंबर 1948 को ही हो गया था, जब गाँधीजी...

Read more