जीवनी

प्रेरणास्रोत: ऐसी प्रबल इच्छाशक्ति जिसनें एक कुली को बना दिया आईएएस अफसर

  नई दिल्ली. दुनिया में मेहनत और इच्छाशक्ति से बड़ा कुछ भी नहीं है. अगर इंसान कुछ करने की ठान ले तो उसे कोई नहीं रोक सकता. सिविल सेवा की परीक्षा पास करने के लिए लोग मेहनत और लगन के...

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जब क्रांतिकारी से ही मंगा गया स्वतंत्रता सेनानी होने का प्रमाणपत्र : जन्मदिवस पर विशेष

उन्होंने कहा था : “मैं सपने में भी नहीं सोच सकता था कि उस दिल्ली में मैंने जहां बम डाला था, वहां एक अपाहिज की तरह स्ट्रेचर पर लादा जाऊंगा।” भारत के एक क्रांतिकारी ने अंग्रेजों के साथ जंग की।...

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5 वर्ष 10 महीने, 7 वर्ष 11 महीने देश धर्म के लिये जीने मरने को इतनी ही उम्र थी….

दशम गुरु, गुरु गोबिंद सिंह जी महाराज के 6 व 8 साल के पुत्रों बाबा फतेह सिंह और जोरावर सिंह जिन्हें 313 साल पहले 27 दिसंबर को क्रूर मुग़ल शासन ने दीवार में चिनवा दिया गया था। सरहिंद के नवाब...

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लाल, बाल, पाल की तिकड़ी के मशहूर नेता लाला लाजपत राय : पुण्यतिथि पर विशेष

भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के नायकों में से एक और लाल, बाल, पाल की तिकड़ी के मशहूर नेता लाला लाजपत राय का जीवन आज भी युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत बना हुआ है. उन्होंने न सिर्फ आजादी की लड़ाई...

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अकेले ही 30 से भी ज़्यादा ब्रिटिश सैनिकों को मार गिराने वाली भारतीय वीरांगना ‘ ऊदा देवी’

रानी लक्ष्मी बाई, बेगम हज़रत महल जैसी वीरांगनाओं के बारे में तो सब जानते हैं। पर वीरांगना ऊदा देवी के बारे में कम ही लोग जानते हैं जिन्होंने लखनऊ के सिकंदर बाग में ब्रिटिश सेना को मुंहतोड़ जवाब दिया। लखनऊ...

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छोटे से गांव के स्ट्रीट लाइट से नोबेल विजेता बनने तक का सफर

पेड़ के नीचे पढ़ाई करने वाले एक छोटे से गांव के लड़के से नोबेल विजेता बनने तक हरगोविंद खुराना का सफर संघर्ष और जिजीविषा की दास्तान है. उनका नाम उन चुनिंदा वैज्ञानिकों में शामिल है जिन्होंने बायोटेक्नॉलॉजी की बुनियाद रखने...

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कल्याण किला जितने के बाद शिवाजी ने औरंगजेब की बहन और शाहजहां की बेटी रोशनआरा को आदर के साथ उसके घर भिजवा दिया था

छत्रपति शिवाजी महाराज के समय में महिलाओं का हमेशा सम्मान किया जाता था चाहे वह दुश्मन की बहन बेटियां हीं क्यों ना हो। सभी को अपनी माता और बहन के समान समझा जाता था। महिलाओं की गरिमा हमेशा बनाए रखनी...

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नाथूराम गोडसे के जीवन, चरित्र और विचारों का समग्र मूल्यांकन करने से उनका स्थान भगत सिंह और ऊधम सिंह की पंक्ति में चला जाएगा: भाग – 2

नाथूराम गोडसे के नाम और उनके एक काम के अतिरिक्त लोग उन के बारे में कुछ नहीं जानते। एक लोकतांत्रिक देश में यह कुछ रहस्यमय बात है। रहस्य का आरंभ 8 नवंबर 1948 को ही हो गया था, जब गाँधीजी...

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यूपी का वह गरीब सीएम जिसके लिए महीने का खर्च भेजते थे राजस्थान के मुख्यमंत्री, वे कभी वोट मांगने नहीं गए

आज के दौर में जब राजनेता सत्ता में आते ही लखपति और करोड़पति बन जाते हैं। आज हर कोई राजनीति को व्यवसाय के रूप में लेता है। लेकिन, यूपी की राजनीति में एक ऐसा भी दौर था जब राजनीति में...

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ब्रिटिश सरकार के ख़िलाफ़ विद्रोह करनेवाले पहले आदिवासी वीर : विरसा मुंडा

‘‘मैं केवल देह नहीं मैं जंगल का पुश्तैनी दावेदार हूँ पुश्तें और उनके दावे मरते नहीं मैं भी मर नहीं सकता मुझे कोई भी जंगलों से बेदखल नहीं कर सकता उलगुलान! उलगुलान!! उलगुलान!!!’’ ‘बिरसा मुंडा की याद में’ शीर्षक से...

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