स्वास्थ्य

अतिविषा के औषधीय गुण और फायदे : वनौषधि – 18

अतीस वनौषधि हिमालय पर 2000 से 5000 फुट की ऊंचाई पर पाया जाने वाला पौधा है। इसका ज्ञान हमारे आचार्यों को अत्यन्त प्राचीनकाल से था। प्राय: समस्त रोग को दूर करने वाली होने से यह विश्वा या अतिविश्वा के नाम...

योगासन और व्यायाम :  करने के तरीके एवं फायदे – 1

वजन कम करने के लिए सबसे बेहतरीन उपाय है सूर्य नमस्कार। सूर्य नमस्कार से वजन सबसे तेजी से कम होता है, अगर आप इसे सही समय पर और सही तरीके से करते हैं तो। जितने भी तरह के वर्कआउट हैं...

जानिए शिकाकाई के औषधीय गुण : वनौषधि 16

शिकाकाई इसे विमल या सप्तला भी कहते है। इसके पौधे का स्वरूप एक फैला हुआ कंटकी गुल्म, शाखाएँ लम्बी पतली, उपशाखाएँ श्वेताभ जिन पर वक्रकाटों की पाँच कतारें होती हैं। पत्ते पक्षाकार संयुक्त पुष्प श्वेत पीतवर्णी या गुलाबी जो गोल...

बबूल के फल, फूल, गोंद और पत्तों के हैं कई फायदे : वनौषधि 15

बबूल इसे कीकर भी कहते हैं। यह मूलतः अफ्रीका  एवं भारत में पाया जाने वाला वृक्ष है। इस पेड़ में भगवान विष्णु का निवास माना जाता है। भारत में औषधि के रूप में एवं दातुन करने में बाबुल का खूब...

बड़ी इलायची के फायदे, औषधीय गुण : वनौषधि 14

बड़ी इलायची इसे संस्कृत में वृहदेला, अंग्रेजी में Black cardamom तथा हिंदी में 'काली इलायची', 'भूरी इलायची', 'लाल इलायची', 'नेपाली इलायची' या 'बंगाल इलायची' आदि नामों में जाना जाता है। इसके सुखाये हुए फल और बीज भारत सहित कई अन्य...

जानिए काजू बदाम के औषधीय गुण : वनौषधि – 13

काजू शुक्रवर्धक, त्वचा को मृदु बनाने के गुण वाली तथा पौष्टिक है। प्रचलित नाम- काजू बदाम वैज्ञानिक नाम - Anacardium occidentale काजू एक प्रकार आयुर्वेदिक औषधि है जिसका फल सूखे मेवे के लिए भी किया जाता है। काजू से अनेक...

अकरकरा के औषधीय गुण : वनौषधि – 12

अकरकरा में कामेच्छा को बढ़ाने वाले गुण होते हैं। पुरुषों के लिंग विकारों में प्रयोज्य। प्रचलित नाम- अकरकरा वैज्ञानिक नाम - Anacyclus pyrethrum प्रयोज्य अंग-मूल, पत्र एवं पुष्प । स्वरूप-चिरस्थायी सीधे किन्तु झुके हुए गुल्म, पत्ते दिपक्षवत् संयुक्त, पुष्प पीले...

जानिए उग्रगंधा / वच के औषधीय गुण : वनौषधि – 11

प्रचलित नाम- वच/ (घोर वच) वैज्ञानिक नाम  Acorus calamus प्रयोज्य अंग-भूमिगत कंद । स्वरूप- कीचड़ या जल में उगने वाले लघु गुल्म, मूल कंद मांसल, भू प्रसरी सुगंधित, पत्ते लम्बे तलवार के समान पुष्प मंजरी सघन पत्र कोशों से ढकी...

जानिए अपामार्ग / चिरचिरी के औषधीय गुण : वनौषधि -10

अपामार्ग के मूल को दूध में घिसकर मासिक ऋतु स्राव के समय सेवन कराने से पुत्र पैदा होता है। प्रचलित नाम-चिरचिरा (लटजीरा) वैज्ञानिक नाम - Achyranthes aspera प्रयोज्य अंग-पंचांग, पत्र, मूल, बीज । स्वरूप एक वर्षायु उन्नत गुल्म, कांड चतुष्कोणी,...

जानिए गोरख इमली के औषधीय गुण : वनौषधि – 9

ग्रीष्मऋतु में इसके फल के गूदे का शरबत पीने से लू का असर बिलकुल नहीं होता। प्रचलित नाम- गोरख इमली (वैज्ञानिक नाम - Adansonia digitata) इसे गोरक्षी/ पंचपर्णी/शीतफल आदि नामों से भी जाना जाता है। प्रयोज्य अंग- कांड की छाल,...

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