स्वास्थ्य

फीता कृमि एवं खाज – खुजली की अचूक औषधि है सुपाड़ी : वनौषधि – 49

प्रचलित नाम- सुपारी, पुंगीफल। प्रयोज्य अंग-मूल, पत्र एवं बीज । स्वरूप- लम्बा पतला पाम जैसा वृक्ष, 40-60 फीट ऊँचा, पुष्प बड़ी काष्टीय मंजरियों में होते हैं।स्वाद- कटु रासायनिक संगठन-इसके बीज में एफलाटोक्सीन्स बी एवं जी-1, अनेक एल्कलॉयड्स (एरेकॅडाइन, एरेकॉलाईन, गुवासीन...

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शरीफा के फायदे : वनौषधि – 47

प्रचलित नाम- शरीफाप्रयोज्य अंग-मूल, पत्र, फल एवं बीज। स्वरूप-लघु वृक्ष, पुष्प काष्टीय शाखाओं पर उत्पन्न होते हैं, जंगल में प्राकृतिक रूप से उगते हुए पाये जाते हैं। पुष्प हरित-श्वेत, पंखुड़ियाँ मांसल, फल हरे-पीले समूह मेंस्वाद- मधुर । रासायनिक संगठन-इसके पत्रों...

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बड़ी अजवायन के हैं बड़े फायदे : वनौषधि – 46

प्रचलित नाम- बड़ी अजवायनप्रयोज्य अंग- मूल एवं फल स्वरूप एक वर्षायु गुल्म, 2-3 फूट ऊँचा;पत्ते गहराई तक कटे हुए,पुष्प सफेद छोटे छोटे छत्रों में,फल अंडाकार पीत वर्णी।स्वाद-सुगंधित-कटु ।रासायनिक संगठन- इसमें एक उड़नशील तेल हल्के पीले रंग का इसमें गंधक, एपोइल...

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श्वेतमुशली/तालमूली, वनौषधि – 40

प्रचलित नाम- सफेद मुशली/खैरूव।प्रयोज्य अंग- रसदार मूल एवं पत्राभास कांड।स्वरूप- विशाल कंटकीय लता, शाखाएँ झुकी हुई धारदार, कंटक 1-2से 3-4 इंच लम्बे पत्ते सदृश शाखाएँ जो 6-20के झुमके में होती है।स्वाद - मधुर । रासायनिक संगठन-इसके रस युक्त मूल में...

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सतावर औषधि के प्रयोग : वनौषधि – 39

प्रचलित नाम- सतमूली/सतावर प्रयोज्य अंग- कंद सदृश रस युक्त मूल तथा पत्राभास कांड। स्वरूप- विशाल घनी, अतिशाखीत, पत्र रहित, कंटकयुक्त लता तथा पत्र सदृश्य शाखाएँ, पुष्प सफेद छोटे होते हैं। स्वाद - मधुर । रासायनिक संगठन-इसके रस युक्त मूल में...

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लक्ष्मणा को पुत्र देने वाला औषधि बताया गया है: वनौषधि – 48

प्रचलित नाम- लक्ष्मणा, जिन्सेंग प्रयोज्य अंग- मूल एवं पंचांग ।स्वरूप-लघु उपक्षुप, पत्र भिन्न वर्णी ।स्वाद- तिक्त ।रासायनिक संगठन-इस वनस्पति में पिमारा 8, ओइक अम्ल, नेनॉन, पेट्रोसेलीनीक अम्ल, एरेलोसाइड ए एवं बी, स्टीग्मान्स्टीरॉल एवं बीटा सिटोस्टीरॉल पाये जाते हैं।गुण- तिक्त एवं...

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बास या वंशलोचन क्षय, श्वासरोग और कुष्ठ रोग में लाभकारी : वनौषधि – 34

प्रचलित नाम - बांस प्रयोज्य अंग- कांड एवं कोमल शाखाएँ। स्वरूप- महाकाय बांस जिसकी ऊँचाई लगभग 50-60 फूट, कांड पीत स्वर्णिम मूलकांड मजबूत भूमिजन्य होते हैं। स्वाद- कटु । रासायनिक संगठन इसके कांड में सायनोजेनिक ग्लूकोसाइड, टैक्सीफायलिन, कांड की पर्व...

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दांतों के लिए वरदान है पीतवर्णी या सैरेयक : वनौषधि – 33

प्रचलित नाम- कट सरैया/पीला वासाप्रयोज्य अंग- मूल एवं पत्र । स्वरूप- लघु क्षुप, अतिशाखीत तथा कंटक युक्त पुष्प पीतवर्णी ।श्वेतपुष्प-सहचरपीतपुष्प-कुंटकरक्तपुष्प-कुरबकनीलपुष्प-दासी, वाण स्वाद- तिक्त । रासायनिक संगठन- इस वनस्पति में बीटा सिटोस्टीरॉल, स्कूटेलॉरिन 7-2रहामनोसिल ग्लूकोसाईड, इरीडोइड्स बारलेरिन एवं एसी बारलेरिन इसके...

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शरद पूर्णिमा 2022: इस वर्ष 9 अक्टूबर रविवार को है शरद पूर्णिमा, जानिए शुभ मुहूर्त और व्रत का महत्व

सनातन धर्म में पूर्णिमा तिथि का विशेष महत्व है। वहीं शरद ऋतु के प्रारंभ की अनुभूति शरद पूर्णिमा के दिन से होती है। शारदीय नवरात्रि के बाद पड़ने वाली पहली पूर्णिमा को ही शरद पूर्णिमा कहते हैं। मान्यता है कि...

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जानिएशरद पूर्णिमा के दिन खीर खाने के 5 कारण

शरद पूर्णिमा के दिन चंद्र की रोशनी मे खीर रख कर खाने की विशेष परंपरा है । आखिर इस दिन हम खीर क्यों खाते हैं? क्या है इसका वैज्ञानिक कारण और रहस्य। चंद्र से बरसता है अमृत : कहते हैं...

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