इतिहासनामा

भारतीय स्वतंत्रता की क्रांति और उन क्रांतिकारियों की जिनकी वजह से देश को आजादी मिली तो इतिहास की रेत में शायद हज़ारों नाम दबे मिले। पर हम सिर्फ कुछ नामों से ही रु-ब-रु हुए हैं। वैसे तो भारत माँ के इन सभी सपूतों के बारे में जानकारी सहेजने की हमारी कोशिश जारी है ताकि आने वाली हर पीढ़ी इनके बलिदान को जान-समझ सके। आपसे विनम्र आग्रह है की हमारे पोस्ट को ज्यादा से ज्यादा लोगो तक पहुंचाए ।

नालंदा विश्वविद्यालय

परिचय नालंदा अखंड भारत में उच्च शिक्षा का सर्वाधिक महत्वपूर्ण और विख्यात केन्द्र था। महायान बौद्ध धर्म के इस शिक्षा-केन्द्र में हीनयान बौद्ध-धर्म के साथ ही अन्य धर्मों के तथा अनेक देशों के छात्र पढ़ते थे। इस विश्वविद्यालय की स्थापना...

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शारदापीठ

अखंड भारत के सबसे पुराने विश्वविद्यालयों में से एक, जिसे शारदा विश्वविद्यालय के नाम से जाना जाता है, अपनी लिपि के लिए काफी प्रसिद्ध शारदा पीठ ही है और कहा जाता है कि पहले इसमें लगभग 5,000 विद्वान थे और...

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तक्षशिला विश्वविद्यालय

संभवतः यह विश्व का प्रथम विश्विद्यालय था जिसकी स्थापना 700 वर्ष ईसा पूर्व में की गई थी। जिस नगर में यह विश्वविद्यालय था उसके बारे में कहा जाता है कि श्री राम के भाई भरत के पुत्र तक्ष ने उस...

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विक्रमशिला विश्वविद्यालय

विक्रमशिला के महाविहार की स्थापना नरेश धर्मपाल (775-800ई.) ने करवायी थी। उसने यहां मंदिर तथा मठ बनवाये और उन्हें उदारतापूर्वक अनुदान दिया। एक मान्यता यह है कि महाविहार के संस्थापक राजा धर्मपाल को मिली उपाधि 'विक्रमशील' के कारण संभवतः इसका...

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जब क्रांतिकारी से ही मंगा गया स्वतंत्रता सेनानी होने का प्रमाणपत्र : जन्मदिवस पर विशेष

उन्होंने कहा था : “मैं सपने में भी नहीं सोच सकता था कि उस दिल्ली में मैंने जहां बम डाला था, वहां एक अपाहिज की तरह स्ट्रेचर पर लादा जाऊंगा।” भारत के एक क्रांतिकारी ने अंग्रेजों के साथ जंग की।...

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“द फादर ऑफ मॉडर्न इंडियन आर्ट” राजा रवि वर्मा

राजा रवि वर्मा भारत के मशहूर चित्रकार थे। 19वी सदी के भारतीय कलाकार राजा रवि वर्मा को ‘द फादर ऑफ मॉडर्न इंडियन आर्ट’ के रूप में भी जाना जाता रहा है। उन्होंने भारत के देवी देवताओं और महाभारत और रामायण...

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मक्का को लेकर गिब्स की सबसे बड़ी खोज , पढ़े पूरी रिसर्च का नतीजा

आप जानकर हैरान हो जाएंगे कि दरअसल आज जिसे मक्का कहते है वो असल में असली मक्का है ही नहीं! एक खोजके नतीजे जो इस्लामी दुनिया के बुद्धिजीवियों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। इस खोज की मानें...

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वीर कुंअर सिंह, जिन्होंने गोली लगने पर अपना हाथ काटकर गंगा में बहा दिया

सिंहासन हिल उठे राजवंशों ने भृकुटी तानी थी, बूढे भारत में भी आई फिर से नई जवानी थी. कवियों के मतानुसार, सुभद्रा कुमारी चौहान के द्वारा रचित इस वीर रास कविता में यहां पर बूढ़े भारत कहकर अंतिम मुगलिया सम्राट...

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5 वर्ष 10 महीने, 7 वर्ष 11 महीने देश धर्म के लिये जीने मरने को इतनी ही उम्र थी….

दशम गुरु, गुरु गोबिंद सिंह जी महाराज के 6 व 8 साल के पुत्रों बाबा फतेह सिंह और जोरावर सिंह जिन्हें 313 साल पहले 27 दिसंबर को क्रूर मुग़ल शासन ने दीवार में चिनवा दिया गया था। सरहिंद के नवाब...

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लाल, बाल, पाल की तिकड़ी के मशहूर नेता लाला लाजपत राय : पुण्यतिथि पर विशेष

भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के नायकों में से एक और लाल, बाल, पाल की तिकड़ी के मशहूर नेता लाला लाजपत राय का जीवन आज भी युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत बना हुआ है. उन्होंने न सिर्फ आजादी की लड़ाई...

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