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इतिहासनामा

भारतीय स्वतंत्रता की क्रांति और उन क्रांतिकारियों की जिनकी वजह से देश को आजादी मिली तो इतिहास की रेत में शायद हज़ारों नाम दबे मिले। पर हम सिर्फ कुछ नामों से ही रु-ब-रु हुए हैं। वैसे तो भारत माँ के इन सभी सपूतों के बारे में जानकारी सहेजने की हमारी कोशिश जारी है ताकि आने वाली हर पीढ़ी इनके बलिदान को जान-समझ सके। आपसे विनम्र आग्रह है की हमारे पोस्ट को ज्यादा से ज्यादा लोगो तक पहुंचाए ।

विक्रमशिला विश्वविद्यालय

विक्रमशिला के महाविहार की स्थापना नरेश धर्मपाल (775-800ई.) ने करवायी थी। उसने यहां मंदिर तथा मठ बनवाये और उन्हें उदारतापूर्वक अनुदान दिया। एक मान्यता यह है कि महाविहार के संस्थापक राजा धर्मपाल को मिली उपाधि 'विक्रमशील' के कारण संभवतः इसका

जब क्रांतिकारी से ही मंगा गया स्वतंत्रता सेनानी होने का प्रमाणपत्र : जन्मदिवस पर विशेष

उन्होंने कहा था : “मैं सपने में भी नहीं सोच सकता था कि उस दिल्ली में मैंने जहां बम डाला था, वहां एक अपाहिज की तरह स्ट्रेचर पर लादा जाऊंगा।” भारत के एक क्रांतिकारी ने अंग्रेजों के साथ जंग की। भगत सिंह के साथ मिलकर लड़ा. भगत सिंह को फांसी

“द फादर ऑफ मॉडर्न इंडियन आर्ट” राजा रवि वर्मा

राजा रवि वर्मा भारत के मशहूर चित्रकार थे। 19वी सदी के भारतीय कलाकार राजा रवि वर्मा को ‘द फादर ऑफ मॉडर्न इंडियन आर्ट’ के रूप में भी जाना जाता रहा है। उन्होंने भारत के देवी देवताओं और महाभारत और रामायण के पात्रों को अपनी कल्पना से चेहरे

मक्का को लेकर गिब्स की सबसे बड़ी खोज , पढ़े पूरी रिसर्च का नतीजा

आप जानकर हैरान हो जाएंगे कि दरअसल आज जिसे मक्का कहते है वो असल में असली मक्का है ही नहीं! एक खोजके नतीजे जो इस्लामी दुनिया के बुद्धिजीवियों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। इस खोज की मानें तो इस्लाम के उदय की कहानी और लोकेशन भी बदल

वीर कुंअर सिंह, जिन्होंने गोली लगने पर अपना हाथ काटकर गंगा में बहा दिया

सिंहासन हिल उठे राजवंशों ने भृकुटी तानी थी, बूढे भारत में भी आई फिर से नई जवानी थी. कवियों के मतानुसार, सुभद्रा कुमारी चौहान के द्वारा रचित इस वीर रास कविता में यहां पर बूढ़े भारत कहकर अंतिम मुगलिया सम्राट बहादुर शाह जफर की ओर इशारा किया…

5 वर्ष 10 महीने, 7 वर्ष 11 महीने देश धर्म के लिये जीने मरने को इतनी ही उम्र थी….

दशम गुरु, गुरु गोबिंद सिंह जी महाराज के 6 व 8 साल के पुत्रों बाबा फतेह सिंह और जोरावर सिंह जिन्हें 313 साल पहले 27 दिसंबर को क्रूर मुग़ल शासन ने दीवार में चिनवा दिया गया था। सरहिंद के नवाब वज़ीर खाँ ने उन बच्चों को मुसलमान बनने के…

लाल, बाल, पाल की तिकड़ी के मशहूर नेता लाला लाजपत राय : पुण्यतिथि पर विशेष

भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के नायकों में से एक और लाल, बाल, पाल की तिकड़ी के मशहूर नेता लाला लाजपत राय का जीवन आज भी युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत बना हुआ है. उन्होंने न सिर्फ आजादी की लड़ाई के दौरान नेतृत्व किया बल्कि अपने जीवन

मानसिंह व महाराणा प्रताप के मध्य घोर कटुता होती तो क्या ये संभव था?

आमेर के राजा मानसिंह व महाराणा प्रताप के मध्य हल्दीघाटी युद्ध हुआ था. यह एक ऐतिहासिक सत्य है कि हल्दीघाटी में महाराणा के खिलाफ अकबर की सेना के कुंवर मानसिंह सेनापति थे, पर क्या इस युद्ध के बाद भी आमेर-मेवाड़ के मध्य घोर कटुता थी?

अकेले ही 30 से भी ज़्यादा ब्रिटिश सैनिकों को मार गिराने वाली भारतीय वीरांगना ‘ ऊदा देवी’

रानी लक्ष्मी बाई, बेगम हज़रत महल जैसी वीरांगनाओं के बारे में तो सब जानते हैं। पर वीरांगना ऊदा देवी के बारे में कम ही लोग जानते हैं जिन्होंने लखनऊ के सिकंदर बाग में ब्रिटिश सेना को मुंहतोड़ जवाब दिया। लखनऊ में जन्मीं ऊदा देवी की जन्म

नाथूराम गोडसे के जीवन, चरित्र और विचारों का समग्र मूल्यांकन करने से उनका स्थान भगत सिंह और ऊधम सिंह…

नाथूराम गोडसे के नाम और उनके एक काम के अतिरिक्त लोग उन के बारे में कुछ नहीं जानते। एक लोकतांत्रिक देश में यह कुछ रहस्यमय बात है। रहस्य का आरंभ 8 नवंबर 1948 को ही हो गया था, जब गाँधीजी की हत्या के लिए चले मुकदमे में गोडसे द्वारा दिए गए