भाषा और साहित्य

14 सितंबर को मनाते हैं हिंदी दिवस, जानिए इतिहास और महत्व

BNNBHARAT: हर साल हिंदी दिवस 14 सितंबर को मनाया जाता है.  इस दिन ही देवनागरी लिपि में हिंदी को भारत की आधिकारिक भाषा के रूप में अपनाया गया था. साल 1953 में पहली बार हिंदी दिवस का आयोजन हुआ था. तभी...

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‘हिंदी दिवस’ और ‘विश्व हिंदी दिवस’ दो अलग-अलग दिवस

'हिंदी दिवस' और 'विश्व हिंदी दिवस' दो अलग तिथियां और दिवस हैं। देश में हिंदी भाषा प्रसार-प्रचार के लिए 14 सिंतबर 1949 के दिन संविधान सभा ने हिंदी को राजभाषा का दर्जा दिया था। इसलिए तब से इसे दिन 'हिंदी...

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मंदारवती किसकी पत्नी है? विक्रम और बेताल की कहानी – 2

पद्मावती की प्रेम कहानी सुनाने के बाद बेताल उड़कर पुनः वृक्ष के निकट पहुँच चुका था। उसे खोजते हुए महाराज विक्रमादित्य पुनः उसी शिंशपा-वृक्ष के नीचे पहुंचे। वहां चिता की मटमैली रोशनी में उनकी नजर भूमि पर पड़े उस शव...

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पद्मावती की प्रेम-कहानी , पापी कौन ? : विक्रम और बेताल की कहानी – 1

कड़ी मेहनत के बाद राजा विक्रमादित्य ने एक बार फिर बेताल को पकड़ लिया। वह उसे अपने कंधे पर लादकर श्मशान की ओर ले चले। रास्ते में बेताल ने राजा को एक नई कहानी शुरू की और बेताल पद्मावती की...

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विक्रम और बेताल की कहानी का प्रारंभ

बहुत समय पहले की बात है। उज्जयनी नाम के राज्य में राजा विक्रामादित्य राज किया करते थे। राजा विक्रामादित्य की न्यायप्रियता, कर्तव्यनिष्ठता और दानशीलता के चर्चे पूरे देश में मशहूर थे। यही कारण था कि दूर-दूर से लोग उनके दरबार...

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विक्रम और बेताल की कहानियां : बेताल पच्चीसी

विक्रम और बेताल की कहानियां, जिसे बेताल पच्चीसी के नाम से भी जाना जाता है। विश्व साहित्य के धरोहरों में से एक हैं। ये सभी कहानियां संस्कृत के एक ग्रंथ बेतालपञ्चविंशतिका में मौजूद हैं। इसमें कई प्ररेणादायक और नेतृत्व क्षमता...

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पुकार रही है चाहते हमारी, जागोहे भारत की नारी

पुकार रही है चाहते हमारी, जागोहे भारत की नारी. मन मे है हुंकार भरा,शक्ति हमारी देख जरा. हमसे ही समृद्धि है, सुसज्जित होती यह धरा. सागर की लहरो सी उमड़ती मन मे है विचार नये. हवा की झोको सी बहती...

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ईश्वर कवि और ये दुनिया

जैसे कोई आधा भरा हुआ पानी का लौटा खंगालता है, ईश्वर ने कुछ इसी तरह धरती को खंगाला और पाया कि सातों समुद्र पहले की ही तरह भरे हुए थे. हड़बड़ाते हुए ईश्वर ने दुनिया की सारी नदियों के स्रोतों...

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विश्व हिंदी दिवस के अवसर पर यूनेस्को द्वारा ऐतिहासिक निर्णय लिया गया, डब्ल्यूएचसी (विश्व धरोहर समिति) की वेबसाइट पर हिंदी विवरण उपलब्ध होगा

नई दिल्ली:- यूनेस्को में भारत के स्थायी प्रतिनिधिमंडल ने कल विश्व हिंदी दिवस के अवसर पर घोषणा की कि यूनेस्‍को का विश्व विरासत केंद्र भारत के यूनेस्को विश्व धरोहर स्थलों के हिंदी विवरण को डब्ल्यूएचसी की वेबसाइट पर प्रकाशित करने...

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मनुष्य आखिर है क्या?

नई दिल्ली.मनुष्य का अन्तर्जगत इतने प्रचण्ड उत्पात-घात,प्रपंचों, उत्थान पतन, घृणा, वासना की धधकती ज्वालाओं और क्षण क्षण जन्म लेती इच्छाओं से घिरा हुआ है कि उसके सामने समुद्र की महाकाय सुनामी क्षुद्र...लघुतर है. सुनामी नष्ट कर लौट जाती है. मानव...

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